- मेरे साथ आपको क्यों चलना चाहिए रांची, कल्पना सोरेन ने बतायी वजहें
टीम एबीएन, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ 21 अप्रैल को प्रभात तारा मैदान में आयोजित उलगुलान न्याय महारैली की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की मेजबानी में इंडी महागठबंधन के शीर्ष 12 प्रमुख राष्ट्रीय नेताओं का भाषण होगा। रैली में देश के करीब 28 दलों के नेता शामिल होंगे। हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने शुक्रवार को रैली की वजहों को गिनाते हुए इसमें शामिल होने के लिए राज्य के लोगों से रांची चलने का आह्वान किया है।
कल्पना सोरेन ने कहा कि देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता के लिए, अन्यायपूर्ण तरीके से जेल में बंद जननेताओं की रिहाई के लिए, जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए उलगुलान न्याय रैली इतिहास रचने जा रही है।
उन्होंने झारखंड और झारखंडियत की रक्षा के लिए, 1932 खतियान, सरना आदिवासी धर्म कोड, झारखंड में आदिवासी, पिछड़ों और दलित के आरक्षण में बढ़ोतरी, झारखंड के पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण, हो, मुंडारी और कुड़ुख भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने, झारखंड के 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया राशि की मांग की आवाज को बुलंद करने के लिए 21 अप्रैल को रांची चलने का आह्वान किया है।
उन्होंने आगे कहा कि रैली के मंच से विधवा, बुजुर्ग, दिव्यांगजनों की सामाजिक सुरक्षा, गरीब, वंचित और शोषित के हक-अधिकार, महिला, युवा, किसान, मजदूर के स्वाभिमान, युवाओं को नौकरी, रोजगार और स्वरोजगार, कृषि ऋण माफी, कृषि एवं वन उत्पाद के सही मूल्य के लिए, आदिवासी, दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बचाने, मनरेगा में मजदूरी दर में वृद्धि, सरकारी कर्मचारियों के ओपीएस, संघीय ढांचे की रक्षा के लिए, अपनी आवाज बुलंद करने को, उलगुलान शुरू करने को रांची चलें।