- महिला को मार कर गंभीर रूप से घायल करने के दो आरोपियों को 3 वर्ष सश्रम कारावास
- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अजय कुमार सिंह की आदालत ने सुनायी सजा
- 10000 रुपये जुर्माना भी लगाया , जुर्माना की राशि नहीं देने पर 4 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी
टीम एबीएन, कोडरमा। महिला को मारकर गंभीर रूप से घायल किये जाने के एक मामले की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार सिंह की अदालत ने शनिवार को सिकंदर राणा 27 वर्ष पिता प्रयाग राणा एवं खूबी राणा 55 वर्ष पिता प्रयाग राणा, बेहराडीह, डोमचांच जिला- कोडरमा निवासी को 325 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए 3 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10000 रुपये जुर्माना लगाया।
जुर्माना की राशि नहीं देने पर 4 माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं अदालत ने 323, 341,448 व 504 आईपीसी के तहत दोषी पाते हुए कारावास की सजाऐ सुनाई एव जुमार्ना लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं न्यायालय ने किशोरी देवी व सुमंती देवी को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया।
मामला वर्ष 2016 का है। इसे लेकर डोमचांच थाना कांड संख्या 137/ 2016 एवं रळ- 64/2017 दर्ज किया गया था। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक पीपी एंजेलिना वारला ने किया। इस दौरान सभी 5 गवाहों का परीक्षण कराया गया।
लोक अभियोजक पीपी एंजेलिना वारला ने कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जयप्रकाश नारायण ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा तय कीया और जुर्माना लगाया।
इसे लेकर मालती देवी ने थाना को आवेदन देकर कहा था कि 19 दिसंबर 2016 को सुबह 6:30 बजे घर के दरवाजे पर मैं आग ताप रही थी। इस समय सिकंदर राणा, खुशी राणा, किशोरी देवी व सुमंती देवी मेरे वहां पहुंचे। सिकंदर अपने चादर के अंदर कुल्हाड़ी छुपाए हुए था।
आते ही मेरे सर पर कुल्हाड़ी से मार दिया जिससे मैं गंभीर रूप से घायल हो गयी। वही खुशी राणा, किशोरी देवी और सुमंती देवी ने लात घुसो एवं डंडे से मेरे ऊपर प्रहार किया। गंभीर रूप से चोट लगने के कारण में बेहोश हो गयी। अस्पताल ले जाकर इलाज कराने के बाद होश आया। पुलिस को दिये आवेदन में पुलिस से आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी।