गुमला। अब बहुत हुआ इंतजार वादा पूरा करो सरकार के स्लोगन के साथ गुमला जिले के समस्त प्रखंडों में समस्त विभागों के सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 15 और 16 दिसंबर को सांकेतिक विरोध जताया। संबंधित समस्त कर्मी उक्त स्लोगन लगे कार्ड को लगाकर अपने कर्तव्य दायित्वों को पूरा किया। मुख्यमंत्री ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की बात कही थी। किंतु आज दो वर्ष बीत जाने के बाद भी सकारात्मक पहल नहीं की गयी। इस बाबत जिला संयोजक सुमित कुमार नंद ने जिले के सभी नई पेंशन स्कीम के मित्रों को कार्यक्रम की सफलता की बधाई देते हुए कहा कि जिले के सभी कर्मचारी एकजुट है राज्य कमेटी के आह्वान पर हम सब सरकार को उनके वादे को याद दिला रहे हैं। वहीं जिला कोषाध्यक्ष हरेंद्र कुमार ने कहा कि जब तक सरकार अपने वादे को पूरा नहीं करती तब तक राज्य स्तर पर प्रांतीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादे को पूरा न करने के रवैये से संपूर्ण राज्य कर्मियों में निराशा का भाव उत्पन्न हो गया है। 15 तथा 16 दिसंबर को प्रतीकात्मक विरोध में शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, समाहरणालय संघ, सहकारिता विभाग, वन विभाग, अल्पसंख्यक शिक्षक संघ अभियंता संघ, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सहित कई विभागों के पेंशन विहीन कर्मचारी बैच लगाकर अपने बुढ़ापे के सहारे के लिए सरकार से पुरानी पेंशन बहाली हेतु आग्रह किया। जिला संयोजक सुमित कुमार नंद ने एनएमओपीएस के बैनर तले समस्त विभाग के कर्मचारियों से अपील की कि हर हाल में पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए। जहां एक ओर सांसद विधायक कुछ दिनों के लिए पद पर रहने के बाद पुरानी पेंशन के हकदार हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर सरकारी कर्मचारी जो 35 से 40 वर्षों तक अपने जीवन को विभाग के प्रति समर्पित करता है उन्हें पेंशन की सुविधा से वंचित कर दिया गया है, जिसके कारण उनका बुढ़ापा काफी मुश्किलों से गुजरता है। कई कर्मचारी नई पेंशन स्कीम से सेवानिवृत्त हो रहे हैं तथा उन्हें पेंशन के नाम पर 300 से 400 रुपये दिए जा रहे हैं। यह मानव अधिकार का हनन है साथ ही सामाजिक रूप से कमजोर भी किया जा रहा है। बुढ़ापे में जब पैसे की सर्वाधिक आवश्यकता होती है तो दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है। नई पेंशन स्कीम के अंतर्गत पेंशन सुरक्षा गारंटी का अभाव तथा कर्मचारियों के पैसे को शेयर मार्केट में निवेश के आधार पर मिले रिटर्न को पेंशन का आधार बनाया जाना बिल्कुल अतार्किक है। अगर यह व्यवस्था इतनी ही अच्छी है तो विधायक और सांसदों को भी नई पेंशन स्कीम के अंतर्गत शामिल करना चाहिए। इसी क्रम में दो दिवसीय ट्विटर अभियान के माध्यम से भी सरकार के प्रति विरोध दर्ज किया गया। जिला संयोजक ने सभी प्रखंडों की कार्यकारिणी कमिटी एवम प्रत्येक न्यू पेंशन स्कीम से आच्छादित कर्मचारियों को उनके सहयोग तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार प्रकट किया साथ ही समस्त संघों के प्रति भी आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में सहयोग एवं समर्थन की अपील की।