झारखंड
दो दिनी हड़ताल : अपनी मांगों के समर्थन में बैंककर्मियों ने किया धरना प्रदर्शन
ABN Bureau
•
16 Dec, 2021
•
5 मिनट में पढ़ें
1 Views
विज्ञापन
कोडरमा। बैंकों की निजीकरण के खिलाफ दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का कोडरमा जिले में भी असर रहा। बैंकों में जहां ताले लटके रहे। वहीं ग्राहक इस एटीएम उस एटीएम तक की दौड़ लगाते नजर आये। बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने निजी बैंकों के साथ-साथ सीएसपी को भी बंद करा दिया। वहीं रैली भी निकाली और बैंक के बाहर धरना दिया। झुमरी तिलैया के बैंक ऑफ इंडिया के पास बैंककर्मी जुटे और सरकार विरोधी नारे लगाये। इस दौरान बैंक इम्पालइ फ्रउेरेशन ऑफ इंडिया के संगठन सचिव शिवशंकर वर्णवाल एवं अफसर एसोसिएशन के शिव कुमार पासवान ने कहा कि केन्द्र सरकार बैंकों का निजीकरण कर देश हित एवं आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रही है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक युनियन के दौरान बैंकों निजीकरण, बैंक के निजीकरण किये जाने वाले बैंकिंग कानून में संशोाधन एवं प्रतिकुल दिशा में ले जाने वाले बैंकिंग में सुधार की मांग को लेकर हड़ताल किया गया है। बैंककर्मियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान आवाज दो हम एक हैं, जनविरोध बैंक नियम वापस वापस लो, दुनिया के मजदूर एक थे और एक रहेगें। वित्तमंत्री होश में आओ होश में आओ, उज्जवल भविष्य हमारा है, तानाशाही नहीं चलेगी जैसे जनविरोध नारे लगाये जा रहे थे। बाद में बीओआई से एक रैली निकाली गई। जो कि भारतीय स्टेट बैंक होते हुए विभिन्न निजी बैंकों की तरफ पहुॅचे और निजी बैंकों को बंद कराया। इधर, हड़ताल की वजह से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। एलडीएम महेश प्रसाद ने बताया कि हडताल की वजह से पहले दिन करीब 70 करोड का व्यवसाय प्रभावित हुआ। धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में अमरदीप केशरी, अजीत चौरसिया, मनीष कुमार वर्णवाल, उपासना कुमारी, पी मागेश्वरी, मेघा रानी, अभिषेक कुमार, संदीप कुमार, प्रेम चैधरी, रविन्द्र चौधरी, किशोर रवानी , राजु सिंह, संजय यादव, प्रमोद कुमार चैधरी, मुकेश कुमार संट्रेल बैंक के नवीन कुमार, सुरज मुर्म, एसबीआई के खुबी लाल अनिल कुमार, संतोष सोनी, अनामिका अग्रवाल, विमला लकडा आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन