Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
झारखंड

वाह रे सिस्टम : दिव्यांग. निहायत ही गरीब... लेकिन नहीं मिल रहा आवास

वाह रे सिस्टम : दिव्यांग. निहायत ही गरीब... लेकिन नहीं मिल रहा आवास
विज्ञापन

टीम एबीएन, पलामू/ रांची। इसे सिस्टम का दोष कहें या सरकारी कर्मचारियों के काहिलपन, जिन उद्देश्यों को लेकर सरकार योजना बनाती है और उन योजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी जिन सरकारी कर्मचारियों के कंधे पर होती है उसे जमीन पर उतारने की बजाय दुधारू गाय समझ दूध दुहने में लग जाते हैं। 

कुछ इसी तरह हो रहा है केंद्र की  और राज्य की महत्वाकांक्षी योजना पीएम आवास और राज्य की अबुआ आवास योजना की। मामला लेस्लीगंज प्रखंड के ग्राम जामुनडीह गांव की है जहां एक विकलांग बुजुर्ग उद्देश्वर तिवारी को आवास का लाभ नहीं मिला। कायदे से प्राथमिकता सूची में रखकर पहले मिलना चाहिए था। 

उद्देश्वर तिवारी एक हाथ से विकलांग है और निहायत गरीब है पुरखों के बनाये मिट्टी के घर (जो अब खंडर हो चुका है) में रहने को मजबूर है। आर्थिक स्थिति यह कि खंडर हो रहे घर को मरम्मत भी नही करा सकते। वैसे यह घर अब मरम्मत लायक है भी नहीं। घर कभी भी ध्वस्त हो सकता है और परिवार के साथ एक बड़ी अनहोनी घट सकती है।

क्या कहते हैं मुखिया 

इस बाबत पूछे जाने पर पंचायत के मुखिया कृष्ण कांत चौबे ने बताया कि घर की स्थिति को देखते हुए प्राथमिकता के आधार पर आवास का लाभ मिलना चाहिए था, हमलोग भी सरकार के गाइडलाइन से बंधे हुए हैं। राज्य सरकार के अबुआ आवास योजना में नाम भेजा हुआ है। जल्द ही आवास का लाभ मिलेगा, जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी सुकेशनी केरकेट्टा ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर आवास योजना से आवास का लाभ दिलाया जायेगा। हम आवास  योजना के को-कॉर्डिनेटर से पता करते हैं।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 29,604