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बिजली चोरी के आरोपी चंदा फ्लावर मिल मलिक प्रदीप जैन को 3 वर्ष का सश्रम कारावास

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बिजली चोरी के आरोपी चंदा फ्लावर मिल मलिक प्रदीप जैन को 3 वर्ष का सश्रम कारावास
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2 करोड़ 65 लाख 50000 रुपये का लगाया जुर्माना 

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दितीय अजय कुमार सिंह की आदालत ने सुनाई सजा 

जुर्माना की राशि नहीं देने पर  छ माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी 

मीटर के अंदर इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाकर की जा रही थी बिजली की चोरी 

टीम एबीएन, कोडरमा। तिलैया थाना कांड संख्या 520/ 2009, जीआर 835/2009 की सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश  द्वितीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने आरोपी गझंडी रोड स्थित चंदा फ्लावर मिल के मालिक प्रदीप कुमार जैन, पिता चुन्नीलाल जैन झुमरी तिलैया निवासी को 135 इलेक्ट्रीसिटी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 3 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। 

साथ ही  2 करोड़ 65 लाख 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना की राशि नहीं देने पर 6 माह साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। वहीं अदालत ने 138 इलेक्ट्रीसिटी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए 3 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी। साथ ही 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। 

जुर्माना की राशि नहीं देने पर 3 माह  साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। सभी सजाये साथ-साथ चलेगी। अभियोजन का संचालक  बिजली विभाग के विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार ने किया। इस दौरान सभी 7 गवाहों का परीक्षण कराया गया। बिजली विभाग के विशेष  लोक अभियोजक ने कार्रवाई के दौरान न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। 

वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुमार रौशन ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्षयो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की और जुमार्ना लगाया।

जानें क्या है मामला 

इसे लेकर सहायक विद्युत अभियंता विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल झुमरी तिलैया के हरिप्रसाद शर्मा ने तिलैया थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराते हुए कहा था कि 24 सितंबर 2009 को बिजली चोरी रोकथाम को लेकर चंदा रोलर और फ्लावर मील गझंडी रोड में छापामारी की गयी। 

उक्त छापामारी में जांच के दौरान यह पाया गया कि उपभोक्ता के परिसर में लगे ऊर्जा की खपत की रिकॉर्डिंग करने के लिए मीटर के अंदर इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक चिप्स लगा हुआ था। 

जिसका उपयोग मीटर में वास्तविक ऊर्जा की खपत के रिकॉर्डिंग को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। विद्युत ऊर्जा की इस चोरी से विभाग को 88 लाख, 50 हजार रुपये की क्षति हुई। इसे लेकर तिलैया थाना में मामला दर्ज कराया गया था।

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