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झारखंड : नाराज विधायक चंपई सरकार के लोई बन सकते हैं मुसीबत

झारखंड : नाराज विधायक चंपई सरकार के लोई बन सकते हैं मुसीबत
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  • चंपई सोरेन सरकार की मुश्किलें बढ़ीं
  • कांग्रेस के 12 और झामुमो के एक विधायक ने मंत्री न बनाये जाने को लेकर खोला मोर्चा

टीम एबीएन, रांची। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद झारखंड में चंपई सोरेन सरकार की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पुराने मंत्रियों को ही फिर से मंत्री बनाने से झारखंड कांग्रेस के विधायक नाराज हो गये हैं।

12 विधायकों ने धमकी दी है कि नए चेहरों को मौका नहीं दिया गया, तो 23 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र का वे बहिष्कार कर सकते हैं। इससे चंपई सोरेन सरकार की मुसीबत तो बढ़ ही गयी है, कांग्रेस के प्रदेश और आला नेतृत्व की मुसीबत भी बढ़ गयी है। 

एक दिन पहले ही राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर बिहार से यूपी में प्रवेश कर चुके हैं और दूसरे दिन ही झारखंड कांग्रेस में मुसीबत के बादल छा गए और हालत यह हो गई है कि पार्टी में विधायकों को संतुष्ट नहीं किया गया तो विधायकों के टूटने से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

एक खबर यह भी है कि झारखंड कांग्रेस के नाराज 8 विधायक दिल्ली आ रहे हैं और वे पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रख सकते हैं। झारखंड में विधानसभा सदस्यों की संख्या 81 है और इसमें सत्ताधारी गठबंधन के पास 47 विधायकों का समर्थन हासिल है।

इन 47 विधायकों में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 29, कांग्रेस के 17 और एक विधायक राजद का है। झारखंड की हेमंत सोरेन की सरकार में कांग्रेस कोटे से बन्ना गुप्ता, आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव और बादल पत्रलेख को मंत्री बनाया गया था और इस बार भी इन्हीं विधायकों को ही मंत्री पद दिया गया है।

इससे कांग्रेस के नाराज विधायकों ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले सर्किट हाउस में हंगामा किया और शपथ ग्रहण के बहिष्कार की धमकी दी, पर प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर और पीसीसी चीफ राजेश ठाकुर के मनाने पर वे शांत हो गये थे। लेकिन शपथ ग्रहण के बाद भी इन विधायकों की नाराजगी शांत होने का नाम नहीं ले रही है।

बताया जा रहा है कि शनिवार को 8 कांग्रेसी विधायक पार्टी आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली जा रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के दूत के रूप में बसंत सोरेन ने इन नाराज विधायकों से मुलाकात कर मनाने की कोशिश की है लेकिन लगता है कि इन विधायकों के तेवर ठंडे नहीं हुए हैं।

झारखंड मुक्ति मोर्चा से भी चंपई सरकार के लिए अशुभ खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि झामुमो के दलित विधायक वैद्यनाथ राम ने भी मंत्री न बनाये जाने और ऐन वक्त पर संभावित मंत्रियों की सूची से नाम काटे जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वैद्यनाथ राम का कहना है कि वह इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और वे झामुमो के खिलाफ निर्दलीय चुनाव भी लड़ सकते हैं।

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