- चंपई सरकार के कैबिनेट विस्तार होने के बाद कांग्रेस में कलह, सभी नाराज कांग्रेसी विधायक जायेंगे दिल्ली
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में सत्ता पक्ष के विधायकों का अंदरुनी कलह अब सामने आने लगा है। जिससे राज्य में एक बार फिर खेला होने के आसार दिख रहे हैं। झारखंड में चंपई सोरेन सरकार के कैबिनेट विस्तार होते ही कांग्रेस में कलह छिड़ गया है। कांग्रेस में मंत्री पद को लेकर फूट पड़ती दिख रही है।
वहीं, बताया जा रहा है कि इसके चलते 4 बजे सभी नाराज कांग्रेसी विधायक दिल्ली जायेंगे। सीएम चंपई भी दिल्ली जायेंगे। सभी इंडिया की बैठक में शामिल होंगे। दरअसल, कांग्रेस की तरफ से सभी पुराने चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया गया, जिससे कई कांग्रेसी विधायक नाराज हो गये।
नाराज कांग्रेस विधायकों का कहना है कि कैबिनेट में कांग्रेस कोटे से जिन 4 लोगों को जगह मिली है, वे पूर्व की हेमंत सोरेन सरकार में भी मंत्री थे। इससे कांग्रेस के 12 विधायक नाराज हैं। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को दो-टूक कह दिया है कि कैबिनेट से इन चारों को हटाकर नए चेहरों को मंत्री नहीं बनाया गया तो वे विधानसभा के बजट सत्र का बहिष्कार करेंगे।
नाराज विधायकों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को एक पत्र भी सौंपा है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाने के लिए कांग्रेस के नाराज विधायक एक साथ राज्य से बाहर भी जा सकते हैं। इन विधायकों का कहना है कि हेमंत सोरेन की सरकार में शामिल इन चारों मंत्रियों की परफॉर्मेंस बेहद खराब रही है।
उन्होंने 4 साल में कभी पार्टी के दूसरे विधायकों की नहीं सुनी। कार्यकतार्ओं से दूरी बनाए रखी। इन्हें हटाने की मांग हेमंत सरकार के ही कार्यकाल से होती रही है, लेकिन अब फिर से बनी कैबिनेट में उन्हें जगह दी गई है, अगर बदलाव नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में पार्टी को काफी नुकसान होगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक बैद्यनाथ राम को कथित तौर पर अंतिम समय में मंत्रियों की सूची से हटा दिया गया।
इसे लेकर उन्होंने मोर्चा खोल दिया है। नाराज विधायक बैद्यनाथ ने कहा कि वह इस अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे और जरूरी हुआ तो आगामी विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे।
बैद्यनाथ ने कहा कि सबकुछ तय हो गया और मेरा नाम मंत्रियों की सूची में शामिल हो गया, लेकिन आखिरी वक्त पर मेरा नाम हटा दिया गया। यह अपमान है। मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के दबाव में मेरा नाम हटा दिया गया।