कोडरमा। पंचायत संसाधन केंद्र फरेंदा में जिला प्रशासन कोडरमा ने जल संरक्षण तथा उसके लाभ पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें रिटायर आईपीएस सह जल गुरू महेंद्र मोदी, जिला परिषद् अध्यक्ष शालिनी गुप्ता व उप विकास आयुक्त लोकेश मिश्रा शामिल हुए। मास्टर ट्रेनर के रुप में प्रसिद्ध रिटायर आईपीएस सह जल गुरू महेंद्र मोदी ने जिले के विभिन्न पंचायतों के आये मुखिया व जनप्रतिनिधियों को जल संरक्षण करने की प्रक्रिया से प्रशिक्षित किया। उन्होंने सोखता, ट्रेंच, कुआं के पानी का संरक्षण, चापाकल के पानी का संरक्षण, घर के पानी को संचय करने हेतु हारवेस्टिंग सिस्टम के बारे में जानकारी दी। साथ ही छोटे और बड़े तालाबों के पानी के और बेहतर तरीके से संरक्षण करने की प्रक्रिया से अवगत कराया। पहाड़ों के किनारे तालाब या नदी जो सूखे जाते हैं, उसमें उन तालाबों एवं नदियों के पानी को संचय करने के बारे में बताया गया। रिटायर आईपीएस सह जल गुरु महेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण के बिना हम सुपरपावर की कल्पना नहीं कर सकते हैं। आज के समय में हमें जल का संरक्षण करना अतिआवश्यक है। जिला परिषद् अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से श्रमदान करके जल संरक्षण करने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करना आपने-आप में क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से श्रमदान करके जल संरक्षण का कार्य किया जायेगा।
उप विकास आयुक्त लोकेश मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण के मुद्दे को लिए जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लिए कार्यशाला का आय़ोजन किया गया। इस तरह के कार्यशाला से स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जल संरक्षण को लेकर लोगों में जागरुकता लाने का प्रयास किया जायेगा। मौके पर जिला पंचायती राज पदाधिकारी पारस यादव, प्रखंड प्रमुख जयनगर, प्रखंड प्रमुख मरकच्चो, मुखियागण व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।