- झारखंड में कैसे बनेगी सरकार, किस दल के पास हैं कितने विधायक
- जानिये क्या है विधानसभा सीटों का गणित
टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी हो चुकी है। आज उनकी ईडी कोर्ट में पेशी होगी। जिसके बाद उन्हें रिमांड पर भेजा जा सकता है। उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। चंपई सोरेन झारखंड के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने दावा पेश कर दिया है।
ऐसे में जानते हैं झारखंड में सरकार बनाने के लिए कितने सीटों की है जरूरत और मौजूदा समय में क्या है विधानसभा में सीटों का गणित। झारखंड में सियासी उथल पुथल है। ईडी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक परिदृश्य बदल चुका है।
सीएम हेमंत सोरेन राज्यपाल को इस्तीफा दे चुके हैं। महागठबंधन की तरफ से चंपई सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया है। वो राज्य के अगले सीएम होंगे। उन्होंने दावा पेश कर दिया है। जल्द ही उन्हें शपथ दिलायी जायेगी।
शपथ ग्रहण के बाद जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य होगा वो चंपई सोरेन को सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। शक्ति परीक्षण के बाद ही तय होगा कि आगे की रूपरेखा क्या होगी?
हालांकि मौजूदा हालात में सीटों का जो गणित है उसे देखकर कहा जा सकता है कि चंपई सोरेन को विश्वास मत हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होगी। वर्तमान समय में जेएमएम के 29 विधायक हैं। जबकि कांग्रेस के 17 और आरजेडी के एक विधायक हैं। कुल मिलाकर महागठबंधन के पास 47 विधायक हैं।
वहीं वाम दल विधायक विनोद सिंह का भी उन्हें समर्थन प्राप्त है। झारखंड में कुल 81 सीट हैं। इस तरह सरकार बनाने के लिए 41 विधायक चाहिए। इस प्रकार कह सकते हैं कि चंपई सोरेन के पास बहुमत से बहुत ज्यादा सीट हैं।
वहीं झारखंड विधानसभा में भाजपा के कुल 26 विधायक हैं, जबकि आजसू के पास दो विधायक हैं। वहीं एनसीपी के एक विधायक हैं। इस तरह से एनडीए के पास कुल 29 विधायक, जो बहुमत के आंकड़े से काफी दूर है।
इन आंकड़ों को देखने से स्पष्ट होता है कि महागठबंधन की सरकार को कोई खतरा नहीं है। अगर कोई भीतरघात ना हो तो चंपई सोरेन को विश्वास मत पाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।