नल जल योजना की में भारी गड़बड़ी
- देवदरिया ग्राम पंचायत मुखिया कामिल टोपनो ने डीसी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की
- लोहरदगा जिले में दो अरब रुपए की लागत से नल जल योजना को दिया जाना है मूर्त रूप
टीम एबीएन लोहरदगा। नल जल योजना के तहत लोहरदगा जिला के संवेदक और विभागीय अधिकारियों के द्वारा घोर अनियमित बरती जा रही है। इसका खुलासा किस्को प्रखंड के देवदरिया पंचायत के मुखिया कामिल टोपनो ने उपायुक्त को फोटो और अर्जी देकर किया है। इस तरह की शिकायत अमूमन तमाम पंचायत से विभाग और जिला प्रशासन को आ रहा है। वह वजूद इसके इस कार्रवाई नहीं हो रहा है।
लोहरदगा जिले में एक जेई इंजीनियर को पांच प्रखंड का प्रभार दिया गया है, जबकि दूसरे के पास दो प्रखंड का प्रभार है। जिले भर में सिर्फ एक एसडीओ स्तर के और एक कार्यपालक इंजीनियर ही पदस्थापित है। जबकि अभी लोहरदगा में दो करोड रुपए की लागत से 80 नल जल मीनार बनने हैं। इसमें स्टील के फ्रेम लगाने हैं। पर इसकी गुणवत्ता काफी घटिया है। इस बाबत इंजीनियर भी बात नहीं करते हैं। न कोई जानकारी देते है। भारत सरकार के फ्लैकशिप योजना के तहत कलेक्टर बनकर नया बोरिंग कर उसमें नया समरसेबल सेट लगाकर आसपास के घरों में नल से जल पहुंचना है।
मुखिया कामिल टोपनो के द्वारा उपायुक्त को जानकारी दी गयी है, कि देवदरिया पंचायत के ठकुराइन डेरा क्षेत्र में ही चार पूराने चापाकल जो पहले से लगे हुए थे। उसके ऊपर के हिस्से को खोलकर ठेकेदार और उसके करिंदों के द्वारा ले जाया गया है। वहां टावर बनाकर पुराने चापाकल में मशीन लगा दिये गये हैं। कामिल टोपनो ने दावा किया है, कि इसमें से दो चापाकल का पानी पीने लायक नहीं है। कुछ खराब पड़े हैं ।बोरिंग की गहराई जितनी होनी चाहिए वह पहले से बने चापाकलों में नहीं है। नई योजना के तहत नया बोरिंग कर टावर बनाना है इसके लिए एक यूनिट टावर समेत बनाने में 12 से 14 लख रुपये का स्टीमेट बनाया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि बिना काम किये हुए ही कलस्टर स्तर पर दो से तीन करोड रुपये का भुगतान कर दिया गया है। यही नहीं फिर से इतनी ही राशि का भुगतान होने वाला है। जिला प्रशासन से लेकर विभाग के वरीय अधिकारी भी इस मामले में चुपी साधे हुए हैं।
कामिल टोपनो के द्वारा उपायुक्त को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि लोहरदगा जिले में जल-नल योजना में पंचायत के चापाकल का समान नल जल योजना नल जल से जुड़े ठेकेदार और उसके मुंशी के द्वारा समान खोलकर बिना जानकारी के ही ट्रैक्टर में लोड कर ले जाया जा रहा है। मुखिया ने इसकी शिकायत उपायुक्त से की है।
पत्र के माध्यम से मुखिया ने बताया कि उनके काफी प्रयास के बाद देवदरिया पंचायत में जल-नल योजना की शुरुआत हुई है। योजना में काम कर रहे मुंशी पंकज उरांव योजना के नाम पर चापाकल का हेड, पाइप, वाशर आदि चुरा कर ले गये। उन्होंने इसकी सूचना पीएचडी और जोबांग थाना को भी दी है। फोटो भी अटैच किया है। मुखिया ने डीसी से मामले पर संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की मांग की है।