- ट्रैफिक डीएसपी ने रांची विवि के टीआरएल संकाय में पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन के आनलाईन पंजीयन पोर्टल का किया उद्घाटन
टीम एबीएन, रांची। ट्रैफिक डीएसपी जीत वाहन उरांव ने रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय में आगामी 11 फरवरी को आयोजित होने वाली पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन के आनलाईन पंजीयन पोर्टल का विधिवत् उद्घाटन किया और अपना पंजीयन आनलाईन कराया व फीस जमा किया।
बतौर मुख्य अतिथि डीएसपी श्री उरांव ने विभाग के 43 वर्ष होने पर इस सम्मेलन के आयोजन पर विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीआरएल का छात्र होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। टीआरएल संकाय के छात्रों को मोटिवेट करते हुए उन्होंने कहा कि मैं मेहनत पर विश्वास करता हूं। परिश्रम और मेहनत के बल पर हम किसी भी मुकाम पर पहुंच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अपने कोन्फिडेंस लेबल को मजबूत करना चाहिए। हम अपने को परिवर्तन कर हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं। आज राज्य के सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं में यहां की जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा को स्थान देना टीआरएल विभाग के लिए एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लिए लगन होनी चाहिए, तामझाम और दिखावा नहीं होना चाहिए। आप अपने अन्दर के विचार को मजबूत करें। हमेशा मेरा प्रयास रहा है कि कैसे यहाँ की भाषाएं विकसित व संरक्षित हो। टीआरएल संकाय के समन्वयक ने स्वागत करते हुए कहा कि आज हमारे विभाग के छात्र छात्राएं राज्य व देश के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं जो सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं।
आधुनिक युग में जहां आज तक सही से उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। हमें हमारे ऐसे क्षेत्रों के जुझारू व सफल छात्रों पर गर्व है कि हम उनके गुरु हैं। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन में विभाग के ऐसे ही सफल छात्रों से हमें रूबरू होने का मौका मिलेगा।
मौके पर टीआरएल संकाय के समन्वयक डॉ हरि उरांव, डॉ उमेश नंद तिवारी, डॉ सविता केशरी, डॉ गीता कुमारी सिंह, मनय मुंडा, डॉ रामकिशोर भगत, बंधु भगत, तारकेश्वर मुंडा, प्रेम मुर्मू, राजकुमार बास्के, डॉ किशोर सुरीन, करम सिंह मुंडा, डॉ बंदे खलखो, डॉ अर्चना कुमारी, डॉ सरस्वती गागराई, डॉ बीरेन्द्र कुमार महतो, डॉ रिझु नायक, जयप्रकाश उरांव, युवराज साहु, श्रीकांत गोप, संदीप कुमार महतो, सुखराम उराँव, सरिता, जगदीश, अजय, श्यामसुंदर, बब्लू, विष्णु पदा महतो, रवि कुमार, प्रवीण कुमार के अलावा संकाय के कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।