चालकों की हड़ताल का व्यापक असर
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। हिट एंड रण एक्ट के खिलाफ आॅल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन एवं सीटू से संबद्ध झारखंड राज्य परिवहन मजदूर यूनियन के बैनर तले बस, ट्रक व टेम्पो चालकों ने झुमरीतिलैया में विरोध मार्च निकाल विरोध सभा का आयोजन किया।
इससे पूर्व सरकारी बस स्टैंड से विरोध मार्च निकाला गया जो ओवरब्रिज, झंडा चौक होते हुए स्मार्ट बाजार स्थित टेंपो स्टैंड पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। जुलूस का नेतृत्व सीटू नेता प्रेम प्रकाश, आटो चालक संघ के अध्यक्ष मो रफीक और बस एशोसियेशन के प्रमोद कुमार यादव ने किया।
जुलूस में काला कानून वापस लो, गृहमंत्री अमित साह मुर्दाबाद, मोदी सरकार होश में आओ, तानाशाही मुर्दाबाद आदि नारे लगाये जा रहे थे। सभा को संबोधित करते हुए सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि कोई भी बस या ट्रक ड्राइवर जान बूझकर एक्सीडेंट नहीं करता है।
दुर्घटना अचानक होती है और ड्राइवर मौके से इसलिए भागते हैं क्योंकि खतरा रहता है कि भीड़ उन्हें मार डालेगी और दुर्घटना के बाद वे घायलों को हॉस्पिटल भी नहीं पहुंचा पाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा लाया गया यह काला कानून ड्राइवरों के लिए मौत का फरमान है।
दुर्घटना होने पर ड्राइवर पर कार्रवाई होने के लिए पहले से जो बना कानून है, वह आज भी प्रासंगिक है। जो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 161 में निहित है। जिसमें मोटर वाहन से एक्सीडेंट को परिभाषित किया गया है। केंद्र सरकार के द्वारा बनाया गया काला कानून पुराने कानून के बिल्कुल विपरीत है।
वर्तमान हिट एंड रण कानून के अनुसार एक्सीडेंट होने पर घायल व्यक्ति को अस्पताल नहीं ले जाता है तो ड्राइवर को दस साल की सजा या सात लाख रुपये का जुर्माना का प्रावधान किया गया है, जो सरासर अन्याय है। पहले जो कानून था, उसमें दुर्घटना पर मौत होने पर 304 ए लगता था, जिसमें दो साल की सजा का प्रावधान था।
सीटू नेता प्रेम प्रकाश ने इसे वापस लेने की मांग की। सभा की अध्यक्षता उदय द्विवेदी ने की। कार्यक्रम में दिनेश रविदास, चरणजीत सिहं, मो रफीक, चंदन कुमार सिंह, मो जाहिद, विजय शर्मा, शहादत अंसारी, मो सागीर, प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार यादव, अजय यादव, संजय सोनाली, अमर प्रसाद गुप्ता सहित दर्जनों चालक मौजूद थे।