राज्य में साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
टीम एबीएन, रांची। साइबर अपराधियों के खिलाफ गिरिडीह पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। गिरिडीह पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर एक साथ 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी है।
एक बार में 20 साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी पूरे झारखंड में पहली बार गिरिडीह जिले में हुई है। गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 27 मोबाइल फोन, 50 सिम कार्ड, 6 एटीएम कार्ड, 4 मोटरसाइकिल, दो कार और 1 लाख 38 हजार 100 रुपये नकद बरामद किये हैं। उक्त जानकारी गिरिडीह के एसपी दीपक कुमार शर्मा ने प्रेसवार्ता कर दी।
उन्होंने बताया कि ये सभी गिरफ्तार साइबर अपराधी गर्भवती महिलाओं को मोबाइल पर कॉल करके उन्हें मातृत्व लाभ राशि दिलाने का झांसा देकर, अपने आप को बैंक अधिकारी बताकर, एनीडेस्क, टीम व्यूवर आदि का लिंक भेज कर लोगों से रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करवाते थे और फिर ठगी करते थे।
साथ ही साथ गूगल पर फर्जी कोरियर कंपनी का ऐड बनाकर उसमें अपना मोबाइल नंबर और हेल्पलाइन नंबर डालकर भी ठगी करते थे। इसके अलावा कोलकाता से फर्जी सिमकार्ड लेकर भी ठगी करते थे।
गिरिडीह एसपी ने बताया कि साइबर क्राइम को लेकर गुप्त सूचना मिली थी कि जमुआ थाना क्षेत्र के बेहराडीह में कुछ साइबर अपराधी फर्जी सिम का प्रयोग करते हुए लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं।
जिसके बाद साइबर डीएसपी संदीप सुमन समदर्शी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें पुअनि श्याम बाबू राठौर, रोशन कुमार, सरोज मंडल, सुबह डे, गौरव कुमार, संजय मुखियार, गजेंद्र कुमार, साकेत वर्मा, सौरभ सुमन, जितेंद्र नाथ महतो, सुरेश यादव, आशुतोष कुमार रंजन को शामिल किया गया।
इस दौरान टीम ने बेहराडीह में छापेमारी कर 4 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया और इन लोगों की निशानदेही पर फर्जी सिम के खरीद-बिक्री का काम करने वाले एक साइबर अपराधी मेराजुद्दीन अंसारी को बेंगाबाद थाना क्षेत्र के डाक बंगला चौराहा के समीप से गिरफ्तारी किया गया।
साथ ही जब मेराजुद्दीन से पूछताछ की गयी, तो इसने अपने अन्य साथियों का नाम बताया। इसके बाद अलग-अलग थाना क्षेत्र में छापामारी कर 16 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इस तरह से कुल 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।