कोडरमा। सरकार के द्वारा आंगबाड़ी केंद्रों को संचालित करने का आदेश निर्गत किया गया है जबकि स्थानीय प्रशासन के द्वारा निजी स्कूलों में प्रारंभिक र्आर प्राथमिक कक्षा के संचालन पर शिकंजा कसा जा रहा है। इसके तहत गुरुवार को जिले के तीन निजी स्कूलों पर कार्रवाई करते हुए उसे सील क रने का निर्देश कोडरमाएसडीओ द्वारा दिया गया है। जबकि जिले जिले में दर्जनों आंगन बाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते दिख रहे हैं। इस मामले में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने झारखंड सरकार द्वारा निर्गत पत्रांक संख्या1717 के विभागीय आदेशानुसार 5/म.स./आं.से. कोविड-19808/2020-2181, दिनांक 23 नवंबर 2021गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग झारखंड के आदेश ज्ञापांक 434/सीएस आरइएस-30 अक्टूबर 2021 तथा उपायुक्त कार्यालय कोडरमा समाज कल्याण शाखा ज्ञापांक 837/स.क., दिनांक 25 नवंबर 2021 हवाला दिया है और कहा है कि जिस प्रकार से 27 नवंबर से ही आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने हेतु आदेश दिया गया है और साथ ही राज्य सरकार द्वारा जारी किए गए एसओपी के आधार पर कोविड-19 को पूरा करते हुए जिला के सभी प्रखंडों में निर्धारित किए गए समयानुसार पूर्वाहन 9:30 बजे से अपराहन 1 बजे तक सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नामांकन एवं पठन-पाठन सुचारू रूप से कराया जा रहा है, उसी प्रकार प्राइवेट स्कूलों में पूर्व प्राथमिक ओर प्राथमिक कक्षाओं को संचालित करने का आदेश देने की मांग की है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद के निदेर्शानुसार एवं प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दुबे के निदेर्शानुसार सूबे के सभी जिलों में जिला अध्यक्ष के साथ उड़नदस्ता टीम बनाकर गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। पासावा कोडरमा की टीम भी जिले के सभी स्कूलों सैनेटाइज, मास्क,सैनिटाइजर इत्यादि उपलब्ध करने के साथ-साथ विद्यालय प्रांगण की सफाई पेयजल की उचित व्यवस्था पर निगरानी रखने की बात कही है।वहीं पूर्व प्राथमिक निजी विद्यालय चलाने वाले संचालकों ने कहा है कि इस आयु के बच्चे का नामांकन एवं पढ़ाई लिखाई आंगनबाड़ी केंद्र प्री नर्सरी मॉडल स्कूल में हो सकती है तो पूर्व प्राथमिक या प्ले स्कूलों में क्यों नहीं। एसोसिएशन ने राज्य सरकार एवं जिला उपायुक्त से आग्रह करते हुए कहा है कि निजी एवं सरकारी स्कूल देश के नौनिहाल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर देश निमार्ता बनाने का काम करती है। ऐसे में निजी विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार न अपनाया जाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ बीएनपी वर्णवाल और सचिव तौफिक हुसैन ने अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा कुछ निजी विद्यालयों पर किए गए कार्रवाई की निंदा करते हुए विभाग की दोहरी नीति को विचारणीय बताया। उन्होंने कहा है कि जिस प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 वर्ष से 6 वर्ष की आयु के बच्चे पढ़ने आ रहे हैं उसी प्रकार निजी स्कूलों को भी आदेश मिले।