टीम एबीएन, कोडरमा। ये भला क्यों भीख मांगे जुगनुओं से रोशनी की, अपने हिस्से का नया सूरज उगाना जानती हैं। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया कोडरमा की श्रेया कुमरी ने। बता दें कि कोडरमा के करमा की निवासी दिब्यांग श्रेया का चयन नेशनल तिरंदाजी के लिए हुआ है। वह इस खेल में राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। यह जानकारी कोच विशाल सिंह ने दी है।
तीरंदाजी ट्रेनिंग सेंटर के प्रशिक्षक विशाल सिंह से प्रशिक्षण प्राप्त दिव्यांग श्रेया कुमारी करमा की रहनेवाली है। इसके पिता रुपेश कुमार एक व्यवसायी और मां कंचन बाला गृहणी हैं। बचपन से ही श्रेया का एक पैर पोलियो से प्रभावित है। इसने अपनी दिव्यांगता को अभिशाप बनने नहीं दिया। उसने इसे कभी बाधक बनले नहीं दिया।
कोच विशाल ने बताया कि श्रेया 24 से 29 दिसंबर तक पंजाब के पटियाला में आयोजित राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में झारखंड तीरंदाजी टीम का प्रतिनिधित्व करेगी। श्रेया ने महज 8 महीना पहले से तीरंदाजी करना शुरू किया था।