टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। केन्द्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों, चार लेबर कोड और दवाईयों पर जीएसटी के खिलाफ एफ एम आर ए आई के देशव्यापी आह्वान पर सीटू से सम्बद्ध बिहार झारखंड स्टेट सेल्स रिप्रेजेंटेटिव यूनियन (बीएसएसआरयू) के बैनर तले एक सौ से ज्यादा एमआर देशव्यापी एकदिवसीय हड़ताल पर रहे और डॉक्टरों से विजिट करना बंद रखा।
हड़ताल के समर्थन में यूनियन के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता एवं सचिव दिलीप कुमार सिन्हा के नेतृत्व में कला मंदिर से एक जुलूस निकाला गया। जो ओवरब्रिज होते हुए गौरीशंकर मुहल्ला, राजगढ़िया रोड, डॉक्टर गली, स्टेशन रोड से झंडा चौक पहुंचकर प्रदर्शन व सभा में तब्दील हो गया, जिसमें केन्द्र सरकार होश में आओ, दवाओं पर जीएसटी बंद करो, समान काम का समान वेतन लागू करो, न्यूनतम 26 हजार वेतन देना होगा आदि जोशिले नारे लगाये जा रहे थे।
मौके पर सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा नीतियों में बदलाव करके देश की जनता तथा मजदूरों को असहाय बना दिया है। उनके अधिकारों को कुचला जा रहा है। बड़े पूंजीपतियों और कम्पनियों के पक्ष में कानून बनाया जा रहा है।
मेडिकल तथा सेल्स रिप्रेजेंटेटिव अपनी कार्यों का डेली रिपोर्ट पेपर के माध्यम से भेजते थे। लेकिन कम्पनी द्वारा इलेक्ट्रॉनिक गजट से काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जो निजता के अधिकार पर सीधा हमला है। मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि आम जनता के हित में लड़ाई लड़ती है। देश की गरीब जनता के लिए दवा का दाम तथा उस पर लगे टैक्स और जीएसटी को कम करने की मांग सरकार से लगातार कर रही है।
दवाओं की बढ़ती कीमतों के कारण देश की गरीब जनता को समय पर दवा उपलब्ध नहीं होने के कारण मौत हो जाती है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार कानून बनाकर हर तीन महीने में दवाओं और उपकरणों की दाम बढ़ाने का मालिकों को खुली छूट दे रखी है।
कार्यक्रम में सीटू के जिला संयोजक रमेश प्रजापति, निर्माण कामगार यूनियन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश, मुकेश कुमार, भरत राज, रविशंकर, सिंटु, गुलाब, प्रमेन्द्र, बबलू, मंटु वर्णवाल, सन्नी मोदी, अमित, पप्पू, राहुल, उपदेश, प्रकाश, कामेश्वर पण्डित, संतोष, सोनू, प्रवीण, ज्ञानदीप, श्रीकांत, अर्जुन, कुन्दन, प्रकाश रंजन, अभिषेक, राजन, लवकुश, पंकज, अमित आनंद, दीपक, मनीष, अनील, सुभाष, अभिजीत आदि शामिल थे।
हड़ताल की मुख्य मांगों में स्वास्थ्य सेवा में बजटीय आवंटन बढ़ाने, सार्वजनिक क्षेत्र के कम्पनियों का पुर्णउद्धार करने, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी बंद करने, दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने, सेल्स प्रमोशन इम्पलाइज सेवा शर्त 1976 को बहाल रखने, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव को सरकारी अस्पताल एवं संस्थानों में उनके काम करने की कानूनी अधिकारों की रक्षा करने, ट्रैकिंग व निगरानी का जरिए निजता का अधिकार का हनन बंद करने, कार्य क्षेत्र में प्रवेश एवं काम के कानूनी अधिकार को बहाल करने, सेल्स प्रमोशन इम्पलाइज का सेल्स के आधार पर उत्पीड़न और छटनी बंद करने की मांग शामिल है।