- सरकार के ऐतिहासिक फैसले से आदिवासियों में खुशी की लहर थी : इरफान अंसारी
- विधायक इरफान अंसारी ने सदन के माध्यम से सरकार से रखी मांग
टीम एबीएन, रांची। जामताड़ा विधायक डॉक्टर इरफान अंसारी ने आज झारखंड विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन शून्य काल के माध्यम से झारखंड के अल्पसंख्यकों का मामला उठाते हुए कहा कि झारखंड के सरायकेला खरसावां में साल 2019 के चर्चित तबरेज अंसारी मोब्लिंचिंग मामले में सभी दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
साथ ही पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ भाजपा नेता नूपुर शर्मा द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ रांची के मैन रोड में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग की गयी एवं लगभग दस हजार लोगों पर फर्जी केस मुकदमा दर्ज कर दिया गया जो सरासर गलत है। दोनों ही घटना की जांच होनी चाहिए न कि बेकसूरों को फर्जी मुकदमा कर उन्हें परेशान किया जाना चाहिए।
इस पूरे घटना से पूरे अल्पसंख्यक समाज में भारी रोष, नाराजगी और भय का माहौल है। आगे विधायक अंसारी ने कहा कि इस तरह के कई अन्य मामले हैं जिसमें एक विशेष समुदाय को टारगेट कर फसाया गया है। ऐसी परिस्थिति में सदन के माध्यम से मैं सरकार से मांग करता हूं कि पत्थलगड़ी मामले में जिस प्रकार कैसे झेल रहे हजारों लोगों का मुकदमा वापस लेने का ऐतिहासिक फैसला सरकार ने लिया है ठीक उसी प्रकार उपरोक्त मुकदमा झेल रहे अल्पसंख्यकों को भी सारे मुकदमे से अविलंब मुक्त कर देना चाहिए। सदन में जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी की बातों को गंभीरता से लेते हुए अभिलंब मामले को संज्ञान में लिया और इस दिशा में सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया।