टीम एबीएन, रांची। अगहन सक्रांति के मौके पर रांची जिला के राहे प्रखंड अंतर्गत सताकी पंचायत के महादानी, गुटुवा टोला, पुरनाडीह, रामडेरा के ग्रामीणों द्वारा आयोजित बुरु पूजा सह सारजमकाचरा मेला का भव्य आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि देवेन्द्र नाथ महतो का आदिवासी रीति-रिवाज, वेश-भूषा, ढोल-नगाड़ा से पत्तल की टोपी और पत्ता का माला पहनाकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि श्री महतो ने नारियल फोड़कर और फीता काटकर आदिवासी रीति-रिवाज से भव्य आदिवासी आखड़ा का उद्घाटन किया।
मौके पर आदिवासी आखड़ा का महत्व बताते हुए श्री महतो ने बताया कि सारजमकचरा मरांग बुरू आदिवासी मूलवासी के देवता हैं। प्रकृति पूजक अगहन सक्रांति के मौके पर बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। मौके पर गीत-संगीत और ढोल-नगाड़ा के साथ आदिवासी मूलवासी नाचते-गाते हैं।
मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि आखड़ा बचेगा, तभी झारखंड का आस्तित्व बचेगा। सरकार आखड़ा को बचाने के विशेष कानून बनाकर फंड का प्रावधान करे।