रांची। 547 एकड़ में फैले बिरसा मुंडा एयरपोर्ट का जल्द ही कायाकल्प होगा। यहां आधुनिक तकनीक से लैस सिस्टम व सुविधाएं बढ़ाए जाएंगे। योजना है कि आने वाले दिनों में राज्य सरकार के सहयोग से एयरपोर्ट के लिए अतिरिक्त 301 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। जल्द ही एयरपोर्ट में आईएलबीएस (इन लाइन बैगेज सिस्टम) की सुविधा बहाल कर दी जाएगी। वर्तमान में इस सिस्टम को स्टॉल करने की प्रक्रिया जारी है। इससे यात्रियों को सामान जांच कराने के लिए इंतजार नहीं करना होगा।
विमानों की संख्या में बढ़ोतरी
वर्तमान में एयरपोर्ट से 30 विमानों का परिचालन हो रहा है, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में विमानों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और जम्मू तक के लिए भी सीधी विमान सेवा रांची से जुड़ जाएगी। एयरपोर्ट में दो एयरो ब्रिज की सुविधा मौजूद है और आने वाले दिनों में अतिरिक्त दो एयरो ब्रिज लगाए जाएंगे, ताकि एक साथ कई विमानों के आगमन पर लोगों को विमान में बैठकर इंतजार नहीं करना होगा। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट में पांच विमान कंपनियों की सुविधा उपलब्ध है।
आधुनिक तकनीक से लैस होगा बिरसा मुंडा एयरपोर्ट
वर्तमान में एयरपोर्ट में स्लेफ चेक कि-ओक्स (खुद बार्डिंग निकालने), चेक डेस्क काउंटर, बैगेज कार्ट, पेड पोर्टर सुविधा, चाईल्ड केयर रूम, स्मोकिंग रूम, रिटायरिंग रूम, खाने-पीने और शॉपिग करने की सुविधा, एटीएम, फोन चार्जिंग, दिव्यांग यात्रियों के रैंप-लिफ्ट, दिव्यांगों के लिए अलग शौचालय उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के कारण एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी सर्वे में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को दो बार और ग्राहक संतुष्टि सूचकांक सर्वे में ईस्टर्न इंडिया में पहला और पूरे भारत में चौथा स्थान प्राप्त हो चुका है।