रांची। एचईसीकर्मियों की हड़ताल नौवें दिन भी जारी रही। एचईसी के तीनों प्लांटों में उत्पादन ठप रहा। कामगार प्लांटों में पहुंचे और लगातार नारेबाजी करते रहे। नारेबाजी के बीच एचईसी के उत्पादन निदेशक एचएमबीपी पहुंचे और कामगारों से बात की। उन्होंने कहा कि बकाएदारों से पैसे मांगा गया है। वेतन भुगतान का प्रयास किया जा रहा है। अभी कई मशीन का डिस्पैच होना है। डिस्पैच से पैसे आएंगे। ऐसे में कामगारों को उत्पादन शुरू करना चाहिए, लेकिन कामगार नहीं माने। उनका कहना था कि जब तक वेतन भुगतान नहीं होगा, तब तक उत्पादन शुरू नहीं किया जाएगा।
उधर कामगारों की हड़ताल से 107 करोड़ का कार्यादेश प्रभावित हो गया है। रक्षा, इसरो, रेलवे, स्टील प्लांट, माइनिंग सेक्टर सहित कई कंपनियों के महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण लटक गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 के तीसरे क्वार्टर के आखिरी माह में स्ट्राइक की वजह से हर दिन आर्थिक नुकसान हो रहा है। प्रबंधन के अनुसार एचईसी के तीनों प्लांटों में कई महत्वपूर्ण उपकरणों का डिस्पैच बंद हो गया है। जिन मशीनों की आपूर्ति से कंपनी को पैसे मिलते, उससे वेतन आदि मद की राशि का जुगाड़ हो पाता।
ठंडा होने लगा है फर्नेश: एफएफपी प्लांट में फर्नेस ठंडा होने लगा है। गैस प्लांट से पूरे दिन उत्पादन नहीं हो रहा है। सिर्फ एक या दो घंटे ही गैस प्लांट चल रहा है। गैस प्लांट से फर्नेश में गैस की आपूर्ति होती है। कम गैस की आपूर्ति के कारण फर्नेश ठंडा होने लगा है। गैस प्लांट पूरी तरह बंद हो गया तो फर्नेश बंद हो जाएगा। इसे दोबारा चालू करने में तीन से चार दिन भी लग सकते हैं। चार-पांच लाख रुपये का खर्च फ्यूल मद में होगा। कंपनी में अब वैसी मशीनों को भी बंद किया जा रहा है, जिन्हें चालू रखना अनिवार्य माना जाता है।इनमें एफएफपी के बड़े फर्नेश, गैस प्लांट और अन्य मशीनें शामिल हैं।