- झारखंड में हाथियों का आतंक, वन विभाग चला रहा जागरूकता अभियान
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कस्बों में गजराज का खौफ कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले कई महीनो से रांची समेत राज्य के कई जिलों में हाथियों के झुंड ने कई लोगों की जान ले ली है और किसानों के फसलों और घरों को नुकसान भी पहुंचाया है।
वहीं, दूसरी ओर वन विभाग की तरफ से हाथियों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। वन विभाग की तरफ से हाथियों द्वारा अगर किसी व्यक्ति की मौत होती है, यह फिर फसल या घरों को नुकसान होता है, तो ऐसे में वन विभाग की तरफ से राशि भी उपलब्ध करायी जा रही है। यही नहीं हाथियों से बचाव के लिए राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी के लिए पैम्फलेटका भी वितरण किया जा रहा है।
झारखंड में हाथियों का आतंक
वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव ने कहा कि झारखंड में लगभग 600 के आसपास हाथियों के झुंड पाये गये हैं। जिसमें रांची, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और पलामू जैसे इलाकों में देखे जा रहे हैं। हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाने की वजह बिल्कुल स्पष्ट है, क्योंकि ऐसे कई इलाकों में फोरलेन और पक्के सड़क बनाये गये हैं, जिसकी वजह से हाथी शहरों में आ जा रहे हैं।
वन विभाग चला रहा जागरूकता अभियान
हालांकि वन विभाग द्वारा ऐसे कई जागरूकता अभियान भी ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही है। ताकि उससे ग्रामीण सजग रहे हैं। यही नहीं वन विभाग की तरफ से टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है ताकि ग्रामीण किसी भी समस्या को लेकर वह टोल फ्री से अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक संयज श्रीवास्तव ने कहा कि हाथियों की एक्टिविटी जानने के लिए बहुत जल्द जीपीएस और ट्रेकर का इस्तेमाल करेगी ताकि हाथी किस वक्त, किस जगह और वह किस ओर जा रहा है, उसकी जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को जीपीएस और सेटेलाइट के माध्यम से मिल सके। वन विभाग की तरफ से अब तक किये गये कार्यों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सराहा है।