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कथित पत्रकार और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक किशोर वर्मा पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार

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कथित पत्रकार और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक किशोर वर्मा पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार
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  • एसपी पुलिस कप्तान हारीश बिन जमाने बताया की विशेष छापामारी दल ने उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से आरोपी को गिरफ्तार किया

टीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा के कथित पत्रकार और सेवानिवृत्त प्रभारी प्रधानाध्यापक किशोर कुमार वर्मा को पुलिस ने ने पोक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत गिरफ्तार कर गुरुवार को लोहरदगा मंडल कारा भेज दिया।

लोहरदगा के पुलिस कप्तान हारीश बिन जमां ने बताया कि किशोर कुमार वर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत लोहरदगा टाउन थाना में पीड़िता के लिखित शिकायत पर प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रंस फ्राम सेक्सुअल आफेंस एक्ट (पोस्को) के एफआईआर दर्ज किया गया था। 

इसके अलावा छेड़छाड़, नाबालिक से गलत व्यवहार और नाबालिक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, धार्मिक भावना आहत करने, पत्रकार बनाने, आईटी एक्ट का मामला तीन लोगों पर दर्ज किया गया है। पुलिस एफआईआर के बाद से ही तीनों लोगों को ढूंढ रही थी।

एसपी ने बताया कि किशोर कुमार वर्मा को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से गिरफ्तार कर पहले लोहरदगा लाया गया। सिविल कोर्ट, लोहरदगा में प्रस्तुति के बाद उसे मंडलकारा भेज दिया गया। 

एसपी ने बताया कि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इनकी भी गिरफ्तारी शीघ्र हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यह संगीन और कठोर अपराध है। पोक्सो एक्ट कानून में अलग-अलग अपराधों के लिए अलग-अलग सजा निर्धारित है। यह कानून यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण करता है।

पुलिस कप्तान हारीश बिन जमां ने बताया की एफआईआर दर्ज होने के बाद विशेष टीम का गठन लोहरदगा शहर थाने के सब इंस्पेक्टरों की अगुवाई में बनाई गई थी। इसी टीम के अधिकारियों और जवानों ने गुप्त सूचना और अन्य जानकारी के आधार पर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से किशोर कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया है।

एसपी ने बताया कि जब भी किसी बच्चे के खिलाफ यौन अपराध किया जाता है, तो पुलिस द्वारा पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में पॉक्सो अधिनियम की धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। जबकि विशेष कानून आईपीसी को ओवरराइड करते हैं, दोनों की धाराओं का अक्सर प्राथमिकी में उल्लेख किया जाता है। उदाहरण के लिए, एक प्राथमिकी आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक आरोपी को जेल भेजा जाता है।

अवार्ड वापस लेने की मांग

अंजुमन इस्लामिया लोहरदगा के सदर अफसर कुरैशी ने केंद्र व राज्य सरकार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से मांगा की है, कि किशोर कुमार वर्मा को जो राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार दिया गया था, उसे तत्काल वापस लिया जाये। 

एक शिक्षक और कथित पत्रकार होने के नाते वह समाज के महत्वपूर्ण जिम्मेवारियों का निर्वहन कर रहा था। बावजूद इसके उन्होंने घृणित काम किया है, इसलिए उससे राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार (राष्ट्रपति पुरस्कार) वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने अवार्ड वापस लेने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से भी उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

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