टीम एबीएन, रांची। रांची में सोने के दो नये भंडार मिले हैं। जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) ने राज्य सरकार को इन दोनों भंडार की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने से संबंधित रिपोर्ट सौंप दी है।
जीएसआई के महानिदेशक जनार्दन प्रसाद ने शनिवार को अशोकनगर स्थित कार्यालय में प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रांची में तमाड़ के बाबाईकुंडी और सिंदौरी घनश्यामपुर में सोने के दो नए भंडार मिले हैं।
वहीं, ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए किये गये शोध में कोडरमा में प्रचुर मात्रा में लीथियम का भंडार होने के भी संकेत मिले हैं। अब कोडरमा के माइका बेल्ट में लीथियम की खोज के लिए आगे के चरण की तैयारी की जा रही है।
प्रेसवार्ता में जीएसआई के उपमहानिदेशक डॉ दीपायन गुहा, निदेशक पंकज कुमार, निदेशक डॉ एसके भारती भी उपस्थित थे।
जनार्दन ने बताया कि बबाईकुंडी में 0.510 टन सोने का भंडार अनुमानित है, जबकि सिंदौरी घनश्यामपुर में 0.767 मिलियन टन स्वर्ण भंडार का अनुमान है। वहीं, सोने के दो ब्लॉक की नीलामी पहले ही हो चुकी है।
तमाड़ के ही परासी और सरायकेला-खरसावां में पहाड़िया स्वर्ण भंडार नीलाम तो हो चुका है, पर यहां अब तक उत्खनन शुरू नहीं हो पाया है। परासी खदान करीब 70 हेक्टेयर में फैली है। यहां 9.894 टन सोने के भंडार का अनुमान है।
साल 2017 में इसे रूंगटा माइंस ने नीलामी में हासिल किया है, लेकिन फॉरेस्ट क्लीयरेंस और दूसरी कुछ वजहों से यहां उत्खनन नहीं हो पा रहा है। जबकि पहाड़िया गोल्ड माइंस को मैथन इस्पात ने लिया है, लेकिन यहां भी उत्खनन नहीं हो पाया है।
सरायकेला में हेबन स्वर्ण खदान की भी जीएसआइ को जानकारी है, लेकिन अभी यहां और शोध चल रहा है। अभी सिर्फ लावा स्वर्ण खदान से ही उत्खनन हो रहा है।