टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को ध्यान में रखकर स्कूल के विद्यार्थियों को मौजूदा प्रतियोगिता युग के अनुरूप गुणवत्ता शिक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के साथ तैयार करना संत अलोयसियस इंटरमीडिएट कॉलेज, सेंट अलोयसियस हाई स्कूल और सेंट अलोयसियस मोंटसरी स्कूल का मूल उद्देश्य है।
मोंटफोर्ट सोसाइटी ऑफ सेंट गेब्रियल के ब्रदर्स द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थान सेंट अलोयसियस हाई स्कूल इंटर कॉलेज और मोंटसरी स्कूल इन्हीं अहम बिंदुओं को लेकर अपने छात्रों को शिक्षित करने की दिशा में अग्रसर है उक्त जानकारी सेंट अलोयसियस इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रिंसिपल ब्रदर क्लेमेंट ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि बीते वर्ष इंटर कॉलेज की स्थापना अनुमति समाप्त हुई उसके बाद कॉलेज को परमानेंट एफ्लिएशन मिला और इसके साथ ही कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या 14 00 से अधिक हो गई है उन्होंने बताया कि कॉलेज में दी जा रही गुणवत्ता शिक्षा और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के कारण पूरा विश्वास है कि अगले वर्ष तक कॉलेज में छात्राओं की संख्या 2000 से पार कर जायेगी।
उन्होंने बताया कि हमारे कॉलेज में छात्रों को सीयूईटी की परीक्षा के अनुरूप जहां शिक्षकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं वहीं विद्यार्थियों को उन्हें दिशा निर्देश के अनुरूप सभी विषयों में तैयार किया जा रहा है इसके अलावा सभी स्टूडेंट को करियर काउंसलिंग भी दी जा रही है।
संत ऑलवेज हाई स्कूल के हेड मास्टर ब्रदर अल्फोंस ने बताया की कोविड के कारण विद्यार्थियों के बीच अध्ययन में थोड़ी बाधा आई जिसमें बहुत से विद्यार्थियों को लगा की पढ़ाई से कोई लाभ नहीं होने वाला है। साथ ही कोविद महामारी के कारण कई शिक्षण संस्थान बंद होने से अनगिनत छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी या फिर छात्रों में अध्ययन के प्रति रुचि कम हो गयी।
इसी दौरान नेटवर्किंग के बढ़ते चरण ने छात्रों के बीच एंड्राइड मोबाइल फोन उपलब्ध कराया हालांकि इसका उद्देश्य छात्रों को शिक्षित करना था लेकिन छात्रों ने शिक्षा के बजाय मोबाइल फोन का उपयोग मनोरंजन के लिए किया। नतीजतन पढ़ाई और विषयों से छात्रों की दूरी बढ़ती गई उसे देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से पुणे छात्रों को विषय वार शिक्षा के प्रति उत्तेजित किया है और बताया है कि शिक्षा ही एक ऐसा हथियार है जिसके कारण से जिससे व्यक्ति अपने जीवन की समस्याओं का निदान कर सकता है और अपना भला बुरा समझ सकता है।
यही नहीं जीवन निर्वाह के लिए शिक्षा अति आवश्यक है ध्यान में रखकर विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षकों के साथ तथा छात्रों के अभिभावकों से के साथ मीटिंग कर कई एक सुझाव संग्रह की और बच्चों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में उन्हें विषय वार पढ़ने की व्यवस्था की है साथ ही खास थीम लेकर छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि बच्चे अच्छी तरह पढ़ लिखकर सशक्त हो और शिक्षक समापन के बाद वे आगे की पढ़ाई अच्छे संस्थान से करते हुए सफलता हासिल कर सके।
साथ ही विद्यालय प्रबंधन ने इसी विद्यालय से पास आउट विद्यार्थी द्वारा संचालित ब्लैक मास्टर के संचालक के सहयोग से विद्यालय में कमजोर छात्रों के लिए समूह वर अलग-अलग विशेष क्लास की व्यवस्था की है ताकि वह किसी सब्जेक्ट में कमजोर ना रहे और अच्छे अंकों से परीक्षा में सफलता हासिल कर सके।
संत अलोयसियस मोंटफोर्ट मोंटसरी स्कूल के प्रिंसिपल ब्रदर माइक जेत्रोम ने बताया की की संत अलोयसियस इंटरमीडिएट, हाई स्कूल और मोंटसरी परिवार संयुक्त रूप से 13 नवंबर को उन मोंटफोर्ट ब्रदर का डायमंड जुबली और सिल्वर जुबली मना रहा है जिन्होंने इस विद्यालय के सफल शैक्षणिक यात्रा को पूरा करने में अपने धर्मसंघी जीवन क के 60 साल और 25 साल के समर्पित सेवा प्रदान की है।
इसके अलावा 5 नवंबर को मोंटफोर्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की ओर से बच्चों के माता-पिता के लिए एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसमें माता-पिता अपने बच्चों के साथ आर्ट एंड क्राफ्ट तथा पेरेंट्स डांस कंपटीशन में शामिल होकर अपने टैलेंट का परिचय देंगे। कार्यक्रम के तहत प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा ब्रदर माइक ने बताया यह सारे कार्यक्रम बच्चों के पेरेंट्स और विद्यालय प्रबंधन को जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
यही वजह है कि बच्चों के ऑलराउंड डेवलपमेंट के लिए विद्यालय प्रबंधन पृथ्वी दिवस पर्यावरण संरक्षण जल संरक्षण प्लास्टिक प्रयोग न करने की जागरूकता संबंधी कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। विक्रम की सफलता के लिए संत संत अलोयसियस इंटरमीडिएट कॉलेज हाई स्कूल तथा मोंटफोर्ट मोंटसरी स्कूल परिवार ने छात्रों के अभिभावकों से सहयोग की अपेक्षा की है।