टीम एबीएन, रांची। नारी शक्ति सेना के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रकाश रंजन ने सरकार को शराब निति में संशोधन करने की मांग करते हुए कहा कि जब तक सरकार द्वारा शराब पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाता है तब तक महिला सुरक्षित नहीं है।
शराब एक ऐसी चीज है जिसको पीने के बाद पुरुष हैवानियत पर उतर जाता हैं। देश में ज्यादातर बलात्कार, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं में शराब का बहुत बड़ा भूमिका रहता है। घरेलू हिंसा, मारपीट जैसी घटना में भी शराब का बहुत बड़ा भूमिका रहता हैं। सरकार अपने राजस्व के लिए शराब पर प्रतिबंध नहीं लगती है परंतु इससे आने वाले राजस्व से भी ज्यादा खर्च हमें स्वास्थ्य पर करना पड़ता है और ऐसे लोग जो शराब का सेवन करते हैं।
उनकी वजह से घरेलू हिंसा, मारपीट, सामाजिक प्रतिष्ठा का हनन के साथ-साथ उनका सामाजिक आर्थिक नुकसान भी अत्यधिक होता है। अगर एक कमाने वाला व्यक्ति शराब पीने के कारण मृत्यु हो जाता है तो उसके घर का आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो जाती है।
सरकार हर दिन गरीबों के लिए योजना बना रही है परंतु एक ऐसा परिवार जो कि हर दिन कमा के खता हैं वैसा परिवार सिर्फ शराब पीने की वजह से उसके घर की स्थिति खराब हो गई हो ऐसी स्थिति का जिम्मेवार सरकार होता हैं।सरकार इस पर शक्त कानून नहीं ला पा रही है। शराब पीने से क्या-क्या लाभ होता है।
अगर इस विषय पर हम लोग चर्चा करें तो शायद हमें नुकसान ही नुकसान नजर आयेगा और ज्यादातर खुशी और दुख दोनों अवसर पर इसका प्रयोग किया जाता है जिसके कारण उनके कार्यक्रम में बाधा भाई उत्पन्न होती ही है साथ ही लड़ाई झगड़ा की भी संभावना बनी हुई रहती है।
आज शहर में महिलाएं कार्य करने जाती है पढ़ाई के लिए घर से बाहर निकलती है परंतु जब थोड़ा देर होने लगता है तो घर वालों की चिंता बढ़ जाती है इसका मुख्य कारण होता है रोड पर घूम रहे लोग खासकर वैसे लोग जो नशे में है या कहीं पर बैठकर नशाबाजी –अड्डाबाजी कर रहे होते हैं।
सरकार को नशा मुक्ति केंद्र पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है साथी इस पर कैसे प्रतिबंध लगाया जा सकता है इसके लिए कानून की आवश्यकता है। श्री रंजन ने सरकार से इस पर संशोधन की मांग की हैं।