एबीएन न्यूज नेटवर्क, भंडरा (लोहरदगा)। प्रखंड के भिठा में एक वृहद किसान सभा इफको लोहरदगा ने की। इस सभा में भिठा, कचमची एवं आसपास के गांव के 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया।
इस अवसर पर इफको के प्रबंधक चंदन कुमार ने वर्तमान में खेतों में लग रहे सब्जी मटर एवं आलू की खेती में डीएपी एवं यूरिया खाद के कार्य एवं प्रयोग को बताते हुए कहा कि कैसे इफको द्वारा निर्मित इफको नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया किस प्रकार दानेदार डीएपी एवं यूरिया से बेहतर कार्य करता के बारे मे विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने बताया कि फास्फोरस की आवश्यकता इन फसलों को अपने प्रारंभिक कायकीय विकास जैसे अनुकरण, जड़ का तेजी से विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इफको नैनो डीएपी के द्वारा बीजों और कदों का शोधन करने से इन फसलों में समय से एकसाथ जमाव होता है और जड़ों का विकास भी तेजी से होता है।
जिस कारण फसल स्वस्थ होते हैं। यह काम किसान नैनो डीएपी के 5 मिली प्रति किलो बीज या कंद से शोधन मात्र से ही पूरा कर सकते हैं। दूसरी बार नैनो डीएपी का प्रयोग किसान फसल के 30 से 35 दिन एवं फूल निकलने के एक सप्ताह पहले 4 मिली प्रति एक लिटर पानी के घोल का स्प्रे करने पर किसानों को अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के साथ अधिक उत्पादन भी प्राप्त होता है।
नैनो डीएपी मिट्टी के जैव रासायनिक एवं भौतिक दशा से अप्रभावी होता है। यही कारण है कि यह लगभग 90% तक फसलों को मिल जाता है जबकि दानेदार डीएपी केवल 20 से 25 % तक ही फसल ले पाते हैं।
इस अवसर पर इफको के यू के सिन्हा राज्य विपणन प्रबंधक एवं डीलर आनंद साहू ने भी संबोधित किया एवं उनसे निवेदन किया कि इफको नैनो उर्वरकों के प्रयोग कर मिट्टी और पर्यावरण को नुकसान से बचाते हुए अधिक उपज प्राप्त कर सकते हैं।