पुलिस के हाथ लगी बड़ी कामयाबी
टीम एबीएन, लातेहार। मानव तस्करी को जड़ से खत्म करने में जुटी लातेहार पुलिस के हाथ एक और बड़ी कामयाबी लगी है। पुलिस ने नौ नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू किया है। इससे पहले भी पुलिस ने इसी महीने 16 नाबालिग बच्ची और एक बच्चे को रेस्क्यू किया था।
लातेहार एसपी के द्वारा गठित स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने इन बच्चियों को दिल्ली, चंडीगढ़ और पानीपत से रेस्क्यू किया है, जो कि लातेहार जिला और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला की रहने वाली है।
पुलिस ने इस मामले में शामिल एक मानव तस्कर मनोज कुमार यादव को भी गिरफ्तार किया है। लातेहार एसपी अंजनी अंजन से प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि रेस्क्यू की गयी बच्चियां ज्यादातर सुदूरवर्ती क्षेत्र के आदिम जनजाति समाज से हैं।
मानव तस्करों की रही है एक लंबी श्रृंखला
उन्होंने बताया कि मानव तस्करों की एक श्रृंखला है, जो कि इन सूदूरवर्ती क्षेत्रों से महानगरों को जोड़ती है। इस श्रृंखला की पहली कड़ी एजेंट हैं, जो अपने आसपास के गांव से आदिम जनजाति के गरीब परिवारों को चिह्नित कर उन्हें पैसा और काम दिलाने का लालच देकर बच्चियों को महानगरों में स्थित दूसरी कड़ी फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी तक फ्लाइट, ट्रेन, बस के माध्यम से पहुंचाने का काम करते हैं।
इसके एवज में कमीशन के तौर पर मोटी रकम लेते हैं। एसपी ने बताया कि बच्चियों के साथ मारपीट कर और दवाब बनाकर काम पर लगाया गया है। प्लेसर्स ने ज्यादातर मामलों में पीड़ित बच्चियों के पैसों का भी गबन किया है।
गिरफ्तारी के लिए लातेहार पुलिस टीम चला रहा अभियान
पीड़ित के पास मोबाइल फोन या किसी तरह से संपर्क करने के साधन नहीं होते हैं। क्लाइंट और जो भी कंपनी नौकरी देती थी, वह सुनिश्चित करती थी कि पीड़ित किसी से बात न कर पाये और खुद के विषय में किसी को न बता पाये। एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि मानव तस्करों से बच्चों को बचाने हेतु और इस तरह के मामलों में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लातेहार पुलिस द्वारा टीम का गठन कर अभियान चलाया जा रहा है।
साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक व विभिन्न तरीकों से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। सभी कानूनी प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए रेस्क्यू किये गये सभी बच्चियों और बच्चों को शिक्षा व पुनर्वास की व्यवस्था लातेहार प्रशासन द्वारा की जा रही है।