टीम एबीएन, रांची। मुण्डारी भाषा टेक्स्ट बुक समिति और जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग गोस्सनर कॉलेज के संयुक्त तत्वधान में कॉलेज के ओडिटोरियम में पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुण्डारी की दो पाठय पुस्तकों आठवीं कक्षा की नवा सेंड़ा होरा और नवीं कक्षा की अंओः इपिल का लोकार्पण किया गया।
मौके पर मुख्य अतिथि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्याल के पूर्व कुलपति डॉ. सत्यनारायण मुण्डा ने कहा कि दो पाठय पुस्तकों का आना मुण्डारी भाषा और साहित्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मुण्डारी बहुत ही समृद्ध भाषा है।
इस भाषा को अनुवाद के माध्यम से विश्व पटल पर पहुंचाया जा सकता है। मुण्डा समुदाय के देशज ज्ञान को भी अन्य भाषाओं में अनुवाद करने की जरूरत है। उन्होंने लेखकों से अधिक से अधिक साहित्य लिखने का आग्रह किया।
विशिष्ट अतिथि मुण्डा के संरक्षक नवीन मुण्डू ने कहा कि भाषा को साहित्य के माध्यम से ही बचाया जा सकता है। टीआरआई के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर सोमा सिंह मुण्डा और सामाजिक कार्यकर्ता मेघनाथ सिंह मुण्डा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। डॉ. तनुजा मुण्डा ने नवीं कक्षा की और नौरी पूर्ति ने आठवीं कक्षा की पुस्तक पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मुण्डारी भाषा टेक्स्ट बुक समिति के सचिव डॉ. मनसिद्ध बड़ायुऊद, मुण्डा के महासचीव विल्कन डांग, सुरसेन सूरीन, प्रभु सहाय सांगा, डॉ. ज्योति टोप्पो, डॉ. मीना तिर्की, डॉ. योताम कुल्लू, डॉ. किशोर सूरीन, डॉ. जुरन सिंह मानकी, डॉ. शांति नाग, डॉ. सिलमनी बडायऊद, डॉ. जयमुनि बड़ायऊइ, डॉ. प्रशांत गौरव, प्रो. फ्रांसिस मुर्मू सहित मुण्डा भाषा प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कोरनेलियुस मिंज और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मीना सूरीन ने किया।
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