- सरना धर्म कोड पर सियासत तेज, आजसू सुप्रीमो का सीएम पर निशाना
टीम एबीएन, रांची। रांची में आजसू का शुक्रवार को महाधिवेशन का दूसरा दिन था। इस दौरान आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो ने तीन दिवसीय अधिवेशन का उद्घाटन किया।
रांची के मोरहाबादी मैदान में ये अधिवेशन चल रहा है। पार्टी संविधान के तहत हर पांच साल पर आजसू के केंद्रीय अधिवेशन का आयोजन किया जाता है।
इस अधिवेशन के जरिए पार्टी न सिर्फ अपनी ताकत का एहसास कराना चाहती है, बल्कि अपने कार्यकर्ताओं में आगामी चुनाव से पहले जोश भरने की भी कोशिश करती है। वहीं, एक बार फिर से सरना धर्म कोड चर्चाओं में है।
झारखंड में सरना धर्म पर शुरू हुई सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। सीएम हेमंत सोरेन की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र के बाद से ही बयानबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
इस बीच आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने सीएम सोरेन पर जमकर निशाना साधा है। जहां सुदेश महतो ने कहा कि सीएम को जब ईडी का समन आया तो उन्हें प्रधानमंत्री की याद आयी।
उन्होंने साथ ही सीएम पर प्रदेश की जनता को बरगलाने का आरोप लगाया, तो वहीं दूसरी ओर झामुमो सांसद महुआ माजी ने मामले को लेकर प्रदेश के पूर्व सीएम रघुवर दास पर निशाना साधा।
जहां उन्होंने कहा कि सरना धर्म कोड की मांग 17-18 साल पूरानी है और इसको लेकर रघुवर दास को केंद्र पर दबाव बनाना चाहिए।
क्या है सरना धर्म को
- कुछ राज्यों के आदिवासी खुद को सरना धर्म का अनुयायी मानते हैं।
- इन राज्यों में झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार शामिल हैं।
- आदिवासी समुदाय प्रकृति की पूजा-अर्चना करते हैं।
- जल, जंगल और जमीन ही उनकी आस्था का केंद्र होता है।