- आर्थिक रूप से कमजोर बालक एवं बालिकाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं तीरंदाजी कोच विशाल सिंह, खिलाड़ियों को अपने हीं पैसों से खेल सामग्री करवा रहे उपलब्ध
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। नेशनल इंस्टिट्यूट आफ स्पोर्ट्स से तीरंदाजी में जिले के एकमात्र क्वालिफाइड तीरंदाजी कोच विशाल सिंह झुमरी तिलैया के सेक्रेड हार्ट स्कूल के मैदान में पिछले 6 महीने से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह इन खिलाड़ियों को राज्यस्तरीय, राष्ट्रीय समेत और बड़ी तीरंदाजी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहे हैं।
विशाल ने बताया कि वैसे बालक एवं बालिका खिलाड़ी जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और तीरंदाजी का अभ्यास करने इनके पास आते हैं उन्हें विशाल सिंह द्वारा नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें अभ्यास हेतु तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध करा रहे हैं। जिले में एकमात्र आर्चरी ट्रेनिंग सेंटर होने की वजह से काफी दूर-दूर से खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त करने पहुंचते हैं। जिसमें आदिवासी इलाके की कुछ बालिका खिलाड़ी भी शामिल हैं।
आर्चरी कोच विशाल सिंह ने बताया कि आर्चरी में उन्होंने अपने जीवन का 12 वर्ष से अधिक का समय तीरंदाजी सीखने में दिया है। कोडरमा जिले में तीरंदाजी अभ्यास हेतु उचित सुविधा ना होने की वजह से वो धनबाद में रह रहे तीरंदाज पिंटू कुमार राणा के पास अभ्यास करने जाते थें।
इसके साथ हीं वे राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में पदक भी जीत चुके हैं। एवं कई अन्य तीरंदाजी प्रतियोगिता में हिस्सा ले कर काफी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आर्चरी के प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ी प्रतिदिन शाम 3 बजे से ग्राउंड पहुंचते हैं।
इसके बाद उन्हें बेसिक से एडवांस्ड लेवल तक की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि प्रशिक्षित खिलाड़ी जिला स्तर के बाद राज्यस्तर और राष्ट्रीय स्तर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तीरंदाजी का प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करें।
खिलाड़ी ने कहा- सरल तरीका में सीखते हैं आर्चरी
आर्चरी का प्रशिक्षण ले रहीं खिलाड़ी श्रेया समेत कई खिलाड़ियों ने बताया कि कोच विशाल सिंह की ओर से बेहतर तरीके से बारीकियों को समझाते हुए आर्चरी का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे उन्हें सरल तरीकों से आर्चरी सीखने का मौका मिल रहा है।
उनका लक्ष्य राज्य स्तर समेत ओलंपिक तक की प्रतियोगिता में मेडल लाने का है। जिसे वो एक दिन जरूर हासिल कर जिले, राज्य एवं देश का नाम रौशन करेंगे।