टीम एबीएन, लोहरदगा। करमा पूर्व संध्या पर जनजातीय सांस्कृतिक सुरक्षा मंच द्वारा नगर भवन में शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मौके पर अतिथियों का पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद सुदर्शन भगत शामिल हुए।
मौके पर आयोजित कार्यक्रम में खोड़हा नृत्य में जोगियारा प्रथम, चीरी बड़का टोली द्वितीय, मंजूरमति उच्च विधालय तृतीय, रानीगंज को चतुर्थ पुरस्कार के रूप नगाड़ा, मांदर, घंट देकर सम्मानित किया गया। वहीं मैट्रिक में अच्छे प्रदर्शन करने वाले बच्चों को भी जनजातीय महापुरुषों की चित्र देकर सम्मानित किया गया।
मौके पर सांसद सुदर्शन भगत ने कहा कि करमा महापर्व हमारी परंपरा और संस्कृति का महान पर्व है। करमा महापर्व से जनजातीय समुदाय का विशेष जुड़ाव है क्योंकि ये हमें सीधे प्रकृति से जोड़ती है। प्रकृति को बचाने के लिए हमेशा से संघर्ष करना पड़ा है इस प्रकार धर्म की भी रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करता रहा है।
उन्होंने कहा की वैसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देना है जो हमारे आदिवासी परंपरा के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) के पास होने पर बधाइयां दी। पूर्व मंत्री सधनू भगत ने कहा आदिवासी समाज में अखरा, झखरा और सेंदरा परंपरा खत्म हो गई तो ईश्वर भी आदिवासी का अस्तित्व नहीं बचा पाएगा।
हमारी संस्कृति की सुरक्षा खुद करनी होगी हमें समाज के धर्म कर्म को निरंतर जागरूकता अभियान चलाते रहना होगा। मनीर उरांव ने कहा कि हमारी जो परंपरा और विरासत अखरा और झखरा के पद्धति को बचाना हम सभी का कर्तव्य है।हमें उनलोगों से बचना जो कि हमारे पद्धतियों से खिलवाड़ करने कार्य कर रहे।
बिंदेश्वर उरांव ने कहा कि हमें अपनी सांस्कृतिक पद्धति को नहीं छोड़ना है जब भी मौका लगे हमें नृत्य संगीत जो आदिवासी परंपरा अनुसार होता उसमें भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता परमेश्वर भगत, मंच संचालन अनिल उरांव और धन्यवाद ज्ञापन राजकुमार मुंडा ने की।
मौके पर पूर्व मंत्री सधनू भगत, पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष मनीर उरांव, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य ओमप्रकाश सिंह, बिंदेश्वर उरांव, राजी पड़हा अध्यक्ष बेंजामिन लकड़ा चंद्रशेखर अग्रवाल, किनेश्वर महतो, मदनमोहन पांडेय, राजीव रंजन, राकेश प्रसाद , सुषमा सिंह, अजय सोनी, अरविंद यादव, मुक्ति धाम समिति अध्यक्ष मनोज गुप्ता, बालकृष्णा सिंह, राजकुमार वर्मा, ओम महतो, परमेश्वर भगत, मुनीलाल उरांव, सामेला भगत, कलावती देवी, मीना बाखला, सुमति कच्छप, दया सिंह, परमेश्वर साहू, लाल नवल नाथ शाहदेव, अमित लोहरा, भीखाराम भगत, अमर भगत, लक्ष्मण उरांव, जगनंदन पौराणिक, पशुपति नाथ पारस, ईश्वर उरांव, बुद्धन देवी, मुकेश साहू, प्रकाश नायक, मिथुन तमेड़ा, बाल्मीकि कुमार बीजेपी, जय श्रीराम समिति, आजसू, वार्ड पार्षद सहित विभिन्न समाज के नेतृत्वकर्ता और विभिन्न गांव के ग्रामीण उपस्थित थे।