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श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारों में सजा विशेष दीवान

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श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारों में सजा विशेष दीवान
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  • समूची मानवता को एक लड़ी में पिरोने का संदेश है गुरु ग्रंथ साहिब : शालिनी

टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। डॉक्टर गली स्थित कलगीधर गुरुद्वारा एवं पंजाबी मोहल्ला स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर्व के मौके पर दीवान सजाया गया। विशेष दीवान की शुरुआत कीर्तन से हुई, जिसमें प्रथम खजूरी जत्था ने शबद कीर्तन किया। 

शबद कीर्तन प्रस्तुत करते हुए हुजूरी रागी जत्था भाई हरभजन सिंह तखत के द्वारा लख खुशियां पात साहिया के सतगुरु नदर करे... आज्ञा भई अकाल की तभी चलायो पंथ... रंग राता मेरा साहिब... आदि शब्द गायन कर संगत कर गुरु वाणी से जोड़ा। 

कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी हमेशा मानवता का मार्गदर्शन करते हैं। मानवता का मार्गदर्शन करते हैं। हमें सेवा, करुणा, सौहार्द सीखाते हैं। अन्याय के आगे कभी नहीं झुकने की भी शिक्षा देते हैं। 

वहीं पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के प्रकाश पर्व पर बधाई दी और ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और कहा कि गुरु ग्रंथ साहब हमें पवित्र शिक्षा देने के साथ लाखों लोगों को शक्ति भी प्रदान करते है। मानवता को एक लड़ी में  पीरोने का संदेश है। 

गुरु ग्रंथ साहिब सिखों में जीवंत गुरु के रूप में श्री गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए आदर्श है और मानवता, समरसता का संदेश भी देते हैं। तभी आदर्श जीवन का पवित्र ग्रंथ है श्री गुरु ग्रंथ साहिब। 

उन्होंने आगे कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहब काम, क्रोध, लोभ, अहंकार को मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु मानते हुए उसे पराजित करने के लिए परमात्मा की शरण में जाने की प्रेरणा दी। वहीं पूर्व जीव अध्यक्ष शालिनी गुप्ता को अंजू छाबड़ा ने सिरोपा भेंट किया। ग्रंथि निरंजन सिंह, राजा सिंह ने भी अपने भजनों से संगत को निहाल किया। 

मौके पर सचिव संजू लंबा, कोषाध्यक्ष अवतार सिंह, गीता लंबा, हरजिंदर भल्ला, जशवंत सिंह, प्रिंस भाटिया, राजू अजमानी, किशन भाटिया, जगदीश अजमानी, गुरदीप सिंह सहित कई महिलाएं उपस्थित हुई। 

वहीं दूसरी और गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां ग्रंथि सरदार राजा सिंह के अलावा जसवीर कौर, अमरजीत कौर, सिम्मी सलूजा, हरभजन सिंह बग्गा ने सबद कीर्तन प्रस्तुत किया। मौके पर प्रधान हरजीत सिंह बधाई दी। पूर्व सचिव यशपाल सिंह गोल्डन ने कहा कि 1604 ईस्वी में पहली बार प्रकाश उत्सव आज के दिन मनाया गया। 

इस अवसर पर सचिव शम्मी सलूजा, कोषाध्यक्ष हरभजन सिंह खालसा के अलावा मनजीत सिंह, मनमोहन सिंह, अवतार सिंह, विक्की सलूजा, सरदार सुरेंद्र सिंह, जगदीश सलूजा आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। यहां भी सुबह में लंगर का आयोजन किया गया। वहीं देर शाम को गुरुद्वारा गुरु नानक पुरा में कीर्तन का आयोजन किया गया। कुलदीप सिंह ने शबद कीर्तन किया। 

प्रधान बलबीर सिंह भाटिया, महेंद्र सिंह भाटिया, हरीश होरा, गुरजीत सिंह भाटिया, जितेंद्र सिंह भाटिया, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया। मंच संचालन यशपाल सिंह गोल्डन ने किया।

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