टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में शिक्षकों के लिए कौशल विकास कार्यशाला आयोजित की गयी, जिसमें संसाधक के रूप में आईआईटी रुड़की से शिक्षित शिवराम, आईआईएम कोलकाता से शिक्षित मनीष कुमार झा तथा कौशल विकास के क्षेत्र में कार्यरत सुधा उपस्थित थीं।
उन्होंने शिक्षकों को संप्रेषण कौशल, आलोचनात्मक सोच, डिजिटलाइजेशन, आर्थिक प्रबंधन, सृजनात्मक सोच का विकास आदि विषयों पर उपयोगी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में कौशल विकास को विशेष महत्त्व दिया गया है। चूंकि 14 वर्ष की अवस्था तक बच्चों के मस्तिष्क का अधिकतर विकास हो चुका होता है।
इसलिए बच्चों को बचपन से ही ऐसे अवसर प्रदान किये जाने चाहिए, जिससे उनका समुचित विकास हो सके। प्राचार्य संजीत कुमार मिश्रा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के दौर में सभी शिक्षकों को नई शिक्षा नीति में समाहित सभी बिंदुओं की समझ रखनी चाहिए तथा कक्षा में उन्हीं के अनुरूप शिक्षण कार्य करना चाहिए।
सभी शिक्षकों को कौशल विकास के क्षेत्र में योगदान देने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि हर शिक्षक बहुमुखी प्रतिभा का धनी होता है। जिसके पास जो अतिरिक्त जानकारी हो, कृपया विद्यार्थियों के साथ अवश्य ही साझा करे। कार्यशाला में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्राचार्य ने सभी संसाधकों का धन्यवादज्ञापन किया।