टीम एबीएन, रांची। कलाकृति स्कूल ऑफ आर्ट्स के डोरंडा एवं हटिया केंद्र के छात्रों एवं कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के द्वारा डोरंडा केंद्र में आज शिक्षक दिवस सह शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह का उद्घाटन कलाकृति के निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने किया। इस अवसर पर कलाकृति के छात्रों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षक दिवस एवं गुरुजनो का हमारे जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला।
इस उपलक्ष में विद्यालय के सभी शिक्षकों को उत्क्रिस्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस उपलक्ष में धनंजय कुमार ने कहा की भारत भूमि पर अनेक विभूतियों ने अपने ज्ञान से हम सभी का मार्ग दर्शन किया है।
उन्हीं में से एक महान विभूति डॉ राधाकृष्णन की मान्यता थी कि यदि सही तरीके से शिक्षा दी जाय़े तो समाज की अनेक बुराईयों को मिटाया जा सकता है। एक अच्छा शिल्पकार किसी भी प्रकार के पत्थर को तरस कर एक सुंदर आकृति का रूप देता है।
किसी भी प्रकार के सुंदर मूर्ति को तरसने में शिल्पकार की अहम् भूमिका होती है। यदि शिल्पकार द्वारा बनायी गयी मूर्ति सुंदर नहीं होगी तो वो जिस स्थान पर रखे जायेंगे वो उस स्थान को और विकृत रूप प्रदान करेंगे।
शिल्पकार की ही भांति सभी विद्यालयों एवं शिक्षकों को अपने यहां अध्यनरत सभी बच्चों को समान रूप से सजाएं सवारें एवं समस्त संसार को अपने गुरुवों द्वारा दी गयी सीख से प्रकाशमान करें।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था की उपनिदेशिका रजनी कुमारी, आरती, कोमल, शिखा, ईशा अर्चना, शीतल, रिंकी, जया, मनस्वी, निजात, सुमन, अमीषा, सुरुचि, पियूष एवं सभी छात्रों का योगदान रहा।