- वेतनमान और समायोजन पर सरकार की उपेक्षा से असंतुष्ट हैं शिक्षक
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। शिक्षकों के सम्मान दिवस पर कोडरमा जिले के असंतुष्ट सहायक अध्यापक शिक्षक दिवस के दिन काला बिल्ला लगाकर कार्य करते नजर आयेंगे।
राष्ट्र निर्माता कहे जाने वाले शिक्षकों को पूर्ण शिक्षक का दर्जा नहीं मिलने से नाखुश इस वर्ष 5 सितंबर पर शिक्षक सरकार के समक्ष वेतनमान और समायोजन पर उपेक्षा के खिलाफ काला बिल्ला लगाकर अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस बात की जानकारी देते हुए एकीकृत सहायक अध्यापक संघ के प्रदेश कमेटी सदस्य वीरेंद्र राय ने कहा की कोई भी शिक्षक समर्पण भाव से अपने कार्य को अंजाम देता है तभी देश में बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल होकर राष्ट्र का गौरव पूरे विश्व में फैला है।
झारखंड में 20 वर्षों से समायोजन और वेतनमान के सम्मानपूर्ण अधिकार की मांग को लेकर संघर्षरत हैं, लेकिन आज तक यहां की सरकारें शिक्षक समुदाय के इस मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक रोटी बनाकर रखी है, जो झारखंड के लिए दुर्भाग्य है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का ऋण चुकाने के लिए उनके सम्मान, समृद्धि और खुशहाली को बरकरार रखना किसी भी राज्य का महत्वपूर्ण कार्य है। लेकिन विडंबना है कि राज्य के अलग-अलग स्तर के शिक्षक अपने-अपने अधिकार के लिए पठन पाठन से दूर होकर सड़कों पर संघर्ष करते नजर आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वेतनमान मिलने तक हमारा विरोध अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने राज्य के वर्तमान महागठबंधन के मुखिया हेमंत सरकार से राज्य स्थापना दिवस से पूर्व सभी सहायक अध्यापकों को वेतनमान देकर सम्मान देने की मांग की ओर कहा राज्य में शिक्षक दिवस का उद्देश्य पूरा होगा।
वहीं टेट उत्तीर्ण सहायक अध्यापक संघ के नेता रमेश यादव, संजीत भारती, अमित कुमार, रामशरण यादव, अनुराग विश्वकर्मा, प्रवीण कुमार आदि ने कहा कि शिक्षक भर्ती में 50 फीसद आरक्षित सीट पर सीधे समायोजन को लेकर संघ राजभवन के समक्ष 13 दिनों से आमरण अनशन पर है और शिक्षक दिवस के दिन रांची के सड़कों पर भिक्षाटन कर हेमंत सरकार का विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बहरहाल देखना होगा कि महागठबंधन की हेमंत सरकार शिक्षा जगत के दो अलग-अलग समुदायों टेट उत्तितं सहायक अध्यापक एवं प्रशिक्षित सहायक अध्यापकों को सीधे समायोजन और वेतनमान देने की मांग को कब तक पूर्ण कर उन्हें शिक्षक दिवस पर उपहार के साथ सम्मान देती है।