- महंगाई में गरीबों का जीना मुश्किल, रसोईया का मानदेय बढ़ाया जाये : सीटू
टीम एबीएन, कोडरमा। झारखंड राज्य रसोईया संयोजिका यूनियन (सीटू) की जिला स्तरीय बैठक आदर्श मध्य विद्यालय कोडरमा में महेन्द्र तुरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में रसोईया की समस्याओं पर चर्चा की गयी। मौके पर मजदूर नेता और सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि कमरतोड़ महंगाई के कारण गरीबों का जीना मुश्किल हो गया है।
सरकारी स्कूलों में सैकड़ों बच्चों का खाना बनाने वाली रसोईया बहनें, जिन्हें मात्र दो हजार मेहनताना अथवा मानदेय मिलता है। दूसरी तरफ इनका छह महीने का मानदेय भी बकाया है। इन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दिया जा रहा है। तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्वर्गीय जगरनाथ महतो के साथ पिछले वर्ष कई मांगों पर समझौता हुआ था।
जिसमें पारा टीचर के तर्ज पर रसोईया एवं संयोजिका का सेवा शर्त नियमावली बनाकर स्थायी करने, आंगनबाड़ी सहायिका के तर्ज पर रसोईया को मानदेय देने, 5 लाख का निशुल्क बीमा कराने, 60 साल में सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन लागू करने और काम के दरमियान चोट लगने अथवा जल जाने पर समुचित इलाज की व्यवस्था करने की भी बात हुई थी। यह समझौता अप्रैल 2023 से लागू होना था, लेकिन वार्ता के एक साल बाद भी इसे लागू नहीं किया गया।
इसलिए अब जिला से लेकर राज्य स्तर तक सीटू के नेतृत्व में आंदोलन तेज किया जायेगा। सीटू के जिला संयोजक रमेश प्रजापति ने कहा कि मोदी सरकार के द्वारा मजदूरों के अधिकार को कुचलकर चार लेबर कोड में बदलकर, काम के घंटे आठ की जगह बारह घंटे किया जा रहा है। इसलिए सभी मेहनतकशों को एक होना होगा।
बैठक में रसोईया संयोजिका यूनियन का पुनर्गठन किया गया और नौ सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें संध्या पांडेय संयोजक, चम्पा देवी व शकुंती देवी सह संयोजक, मुनीजा खातुन, रेखा देवी, गुड़िया देवी, सरिता देवी, विमला देवी, मालती देवी कार्यकारिणी सदस्य चुनी गयी।
बैठक में ललिता देवी, शहनाज खातुन, डलिया देवी, कंचन देवी, फुलवा देवी, प्रमीला देवी, झलिया देवी, बसंती देवी, गीता देवी, किरण देवी, लुकेशरी मसोमात, संतोषी देवी, चंचला देवी, जुलेखा बेगम, नाजरा खातुन, आसमा खातुन, बेबी देवी, गुड़िया देवी, सुनीता मसोमात, सुमित्रा देवी, कौशल्या देवी, छाया देवी आदि शामिल थी।