- आईआईटी धनबाद के भरत और राजकमल के सूरज भी शामिल हैं टीम में
टीम एबीएन, धनबाद। चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर बुधवार की शाम 6:04 बजे चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कर लिया। दुनिया का कोई भी देश अब तक चांद के इस ध्रुव पर नहीं उतरा है। इसमें झारखंड के होनहारों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। चाहे एचइसी के कामगारों की बात हो, या खूंटी के सोहन यादव की। यही नहीं इसमें झारखंड के दो और युवा वैज्ञानिकों ने भी अपनी भूमिका से देश में झारखंड का मान बढ़ाया है।
भारतीय समयानुसार शाम 5:45 बजे चांद पर सूर्योदय हुआ। उसी समय से लैंडर सतह पर उतरना शुरू हुआ। इस खास पल का पूरे देश को इंतजार था, जब इतिहास रचा गया।
धनबाद के लिए यह और भी खास रहा; क्योंकि यहां के दो होनहार भी उस चंद्रयान-3 टीम के हिस्सा थे, जिसने इसके लिए दिन-रात कड़ी मेहनत की है। इनमें एक राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर के 2011 बैच के पूर्ववर्ती छात्र सूरज कुमार हैं। वहीं दूसरे आईआईटी आईएसएम, धनबाद के 2018 बैच के छात्र भरत कुमार हैं। दोनों ही बेहद साधारण परिवार से निकले हैं। इन दोनों मेधावियों के संघर्ष और कड़ी मेहनत को आज धनबाद समेत पूरा देश सलाम किया।
आईआईटी में 8 में से 7 सेमेस्टर के टॉपर थे भरत
बताते चलें कि भिलाई के भरत कुमार आईआईटी धनबाद में मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्ववर्ती छात्र हैं। बेहद गरीबी में पले-बढ़े भरत अभी इसरो में सीनियर साइंटिस्ट हैं। उनकी स्कूलिंग केंद्रीय विद्यालय भिलाई से हुई थी। वे बचपन से ही इंजीनियर बनना चाहते थे।
तैयारी कर आईआईटी धनबाद में प्रवेश पाया। मेधावियों के मददगार रामदास जोगलेकर व वनजा भावे की आर्थिक मदद से आईआईटी में पढ़ाई पूरी की। यहां 8 में 7 सेमेस्टर में टॉपर रहे और गोल्ड मेडल हासिल किया। 2018 में भरत का इसरो में प्लेसमेंट हुआ। आज इनकी सफलता से आईआईटी में भी हर्ष का माहौल है।