झारखंड
अंतराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस : बच्चों ने बिखेरी सतरंगी छटा, होली फैमिली हॉस्पीटल के सेवा सदन ने 20 बच्चों को दिया उपकरण
ABN Bureau
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03 Dec, 2021
•
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कोडरमा। अंतराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस के अवसर पर शुक्रवार को होली फैमिली सभागार में जिले के 20 दिव्यांग बच्चों के बीच वॉकर, स्टैडिंग फ्रेम, अडेदार वैदेज, स्पेशल कुर्सी, कोर्नर सीट एवं पोर्न बोर्ड पीओडी स्टीक का वितरण शुक्रवार को होली फैमिली हॉस्पीटल सेवा सदन ने केएफसीएसके अंतर्गत किया। मौके पर डोमचांच, कोडरमा के बच्चों ने यह साबित कर दिखाया गया दिव्यांगता कोइ्र अभिशाप नहीं बल्कि उपरे वाले का वरदान है। दिव्यांग बच्चा सुबोध कुमार पंडित ने भगवान मेरी सुनले विनीत सुन ले... गीत प्रस्तुत कर समां बांधा। वहीं प्रियांशु कुमारी सजना राज, आसना खातुन ने इन्हीं पक्षियों को देखकर जागे है यह आरंवा धरती हमें चलती है पर छु लेंगे हम आसवां पर नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं कई बच्चों ने शिक्षा का निकला है सुरज... गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों के बीच सतरंगी छटा बिखेरने का कार्य किया। कार्यक्रम का उदघाटन विधायक डॉ नीरा यादव, जिला परिषद प्रधान शालिनी गुप्ता, डीसी आदित्य रंजन सीएस डी सी सक्सेना, जिला बाल कल्याण पदाधिकारी अर्चना जवाला, सिस्टर रोशमी, सिस्टर सुषमा सिस्टर पुष्पम के द्वारा किया गया। इस अवसर पर विधायक नीरा यादव ने कहा कि दिव्यांगजनों की प्रतिभा को निखारने और उनकी उर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाने के लिए सरकार कई कार्य कर रही है। उन्होनें कहा कि सेवा सदन होली फैमिली के द्वारा किये जा रहा कार्य मिल का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होने कहा कि ़ऋषि अष्टवक्र भी तो दिव्यांग थे पर उनकी प्रतिभा से कौन नहीं परिचित है। सूरदास ने अपनी रंचनाओं से कृष्ण लीलाओं का उद्भुत वर्णन किया। जिला परिषद की प्रधान शालिनी गुप्ता ने दिव्यांगता को भूलकर आगे बढने का जज्बा ही आपको समाज में अलग खड़ा करता है। जब तक आपकी सोच और विचार नहीं बदलेंगे तब तक आप दिव्यांगता की भंवर से निकल नहीं सकते। ऐसे में सार्थक पहल ही आपको वह सब कुछ देता है जिसकी कल्पना आप नहीं कर सकते हैं। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है...इन पंक्तियों को जीवन में भुलाया नहीं जा सकता। उन्होनें वहीं उपायुक्त आदित्य रंजन दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की 1992 में हुई आम बैठक में तीन दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। होली फैमिली के द्वारा किये जा रहे प्रयास को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होनें कहा कि जिला प्रशासन विकयंगता दिवस पर जिले के विभिन्न इलाकों मे सप्ताह के एक दिन फिजीयोथ्रीपी की व्यवस्था एक सप्ताह में शुरू कर देगी। वहीं जिले के दो स्थल पर चल रहे कंप्यूटर क्लाश में दिव्यांग बच्चों के लिए नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करायी जायेगी। मौके पर सीएचडी के सक्सेना, बाल संरक्षण पदाधिकारी अर्चना जवाला ने कहा कि बच्चे मन के सच्चे होते हैं और कोरोना महामारी के बावजूद देश के पेराओलांपिक खिलाडियों ने टोक्यों में शानदार प्रदर्शन किया और 19 मेडल भारत को दिलाये। इस अवसर पर सिस्टर रोशमी, सुषमा, एवं पुष्पम ने कहा कि जिला में पुनर्वास केन्द्र डीडीआर सी को चालु कराया जाए। जिला विधिक प्राधिकरण विभाग को दिव्यांगजन को उपयोगिता को सुलभ किया जाय। दियांगजन से जुड़े कानून का गाइड लाइन को जिला अनुमंडल प्रखंड थाना, और ग्राम स्तर पर सचिवालयों में उपलब्ध करायी जाय। मंच संचालन रामानंद सिंह ने किया। मौके पर सिस्टर लीला जोश, जयमंगल शाही, सुनील कुमार दास, दिलीप कुमार पांडेय, सिस्टर जोशिता मिश्रा कुसुम खेश, अनीश एवं सिस्टर जन, सुभम कुमार सिंह आदि उपस्थित थे।
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