Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
होम देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
झारखंड

लड़कर राज्य लिए हैं, लड़कर हक- अधिकार भी लेंगे : हेमंत सोरेन

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
लड़कर राज्य लिए हैं, लड़कर हक- अधिकार भी लेंगे : हेमंत सोरेन
विज्ञापन
  • मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने  प्रमंडलीय रोजगार मेले में विभिन्न संस्थानों/ कंपनियों के लिए चयनित 10,020 ( दस हजार बीस ) अभ्यर्थियों को सौंपा आफर लेटर      
  • मुख्यमंत्री  ने राज्य के सहायक पुलिस कर्मियों को 2 वर्ष का अवधि विस्तार देने की घोषणा की 

...और क्या बोले मुख्यमंत्री 

  1. पढ़े लिखे एवं कम पढ़े लिखे तथा निरक्षर लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए चल रही हैं कई योजनाएं 
  2. युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कर रही पूरी मदद 
  3. 10,000 से ज्यादा युवाओं को एक साथ आॅफर लेटर मिलना राज्य के लिए मील का पत्थर है 
  4. राज्य की सवा तीन करोड़ आबादी की सेवा करने के लिए सरकार संकल्पित  
  5. कम समय में तमाम चुनौतियों के बीच राज्य को दे रहे हैं नई दिशा  
  6. आप और आपका परिवार जब खुशहाल होगा तब राज्य भी सशक्त और मजबूत होगा  
  7. आदिवासी तभी आगे बढ़ेंगे जब वे एकजुट होंगे और अपनी ताकत दिखायेंगे  

टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। राज्य के सहायक पुलिस कर्मियों को दो वर्ष का अवधि विस्तार मिलेगा मंत्री हेमन्त सोरेन ने आज चाईबासा में आयोजित प्रमंडलीय रोजगार मेले में आफर लेटर वितरण समारोह को संबोधित करने के क्रम में यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायक पुलिस कर्मियों के भविष्य को लेकर सरकार चिंतित है और इस दिशा में जल्द  ठोस निर्णय लिए जायेंगे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सवा तीन करोड़ की आबादी की सेवा करने का सरकार ने संकल्प ले रखा है। इस दिशा में काफी कम समय में हमने कई ऐसे निर्णय लिए हैं, जो राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं । जन कल्याण से जुड़ी योजनाएं अब धरातल पर उतर रही  है और उसका असर भी दिख रहा है। 

चारों ओर से रोजगार के दरवाजे खुल चुके हैं  

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में चारों ओर से रोजगार के दरवाजे खुल चुके हैं । इस कड़ी में पढ़े लिखे एवं  कम पढ़े- लिखे तथा निरक्षर लोगों  के लिए रोजगार की कई योजनाएं चल रही हैं। वहीं,  जो स्वरोजगार के इच्छुक हैं, उन्हें मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत आर्थिक मदद कर रहे हैं।  

सिर्फ रोजगार नहीं दे रहे, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारियों और कोशिश करने के लिए भी दे रहे हैं सरकारी मदद  

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सिर्फ युवाओं को रोजगार नहीं दे रहे हैं बल्कि उन्हें प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग और लॉ  जैसे कोर्सेज करने के लिए सरकारी मदद भी कर रहे हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं को अपने प्रखंड में ही कौशल विकास का नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के लिए बिरसा केंद्र खोला गया है। 

विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दे रही है। अत्यंत संवेदनशील आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के लिए नि:शुल्क  आवासीय कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया गया है । ऐसी कई और भी योजनाएं हैं जो आपके भविष्य को बनाने के लिए सरकार ने शुरू की है। 

सरकारी हो या निजी क्षेत्र, आपके लिए कई मौके  

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है तो निजी क्षेत्र में भी यहां के आदिवासियों -मूल वासियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नियम बनाए हैं। उन्होंने कहा कि अब राज्य में कार्यरत निजी संस्थानों और कंपनियों में 40 हजार रुपये प्रति माह तक की नौकरियों में यहां के आदिवासियों-मूलवासियों को 75 प्रतिशत रोजगार देना अनिवार्य होगा।

यह कानून बनने के बाद आज पहली बार कोल्हान की धरती से एक साथ 10,020 (दस हजार बीस) युवाओं को आॅफर लेटर  मिलना राज्य के लिए मील का पत्थर है। मुझे यह जानकर भी बहुत खुशी हुई कि इसमें लगभग 9500 आदिवासी- मूलवासी हैं और इनमें 80 प्रतिशत आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के युवा हैं। यह सिलसिला आगे भी चलेगा और बड़े पैमाने पर यहां के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करायेंगे। 

राज्य की जनता के बेहतर जीवन के लिए बेहतर व्यवस्था देने का प्रयास 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप मजबूत होंगे तो आपके घर- परिवार में सुख समृद्धि आयेगी। जब आपका परिवार खुशहाल होगा तो राज्य भी सशक्त और मजबूत बनेगा। इसी सोच के साथ सरकार आपको अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए आपके साथ खड़ी है। इस दिशा में संसाधनों का बेहतर प्रयोग करने के लिए  कार्य नीति बनाई गयी है। हमारा संकल्प है राज्य की जनता को बेहतर जीवन के लिए बेहतर व्यवस्था दे सकें। 

लड़कर राज्य लिए हैं, लड़कर हक- अधिकार लेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने लंबा संघर्ष कर झारखंड अलग राज्य लिया है। अब लड़कर अपना हक-अधिकार भी लेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी आपके बीच से ही आया हूं, इसलिए आपकी समस्याओं से भलीभांति वाकिफ हूं। ऐसे में आपकी उम्मीदों के अनुरूप योजनाओं को बनाकर उसे धरातल पर उतार रहे हैं। जब से हमारी सरकार बनी है, तब से कई चुनौतियों हमारे सामने आई, लेकिन इन तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए आज हम राज्य को एक नई दिशा दे रहे हैं। 

आदिवासी बहुल राज्य होने के बाद भी आदिवासी होते रहे दरकिनार  

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है। लेकिन, अलग राज्य बनने के 20 वर्षों तक  आदिवासियों के हितों को दरकिनार किया जाता रहा। जब हमारी सरकार बनी तो आदिवासियों को विकास से जोड़ने के लिए कई योजनाएं शुरू की।  

आदिवासी कला- संस्कृति और परंपरा को अलग पहचान मिले, इसलिए आदिवासी महोत्सव का भव्यआयोजन शुरू किया गया। उन्होंने आदिवासियों से कहा कि वे एकजुट हो और अपनी ताकत दिखायें, तभी वे मजबूत बनेंगे और आगे बढ़ेंगे।   

मौके पर मंत्री आलमगीर आलम, चम्पाई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, जोबा मांझी और बन्ना गुप्ता, सांसद गीता कोड़ा, विधायक सुखराम उरांव, निरल पूर्ति, सविता महतो, दीपक बिरुवा, सोनाराम सिंकू, मंगल कालिंदी, समीर मोहंती, संजीव सरदार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, श्रम सचिव राजेश शर्मा, प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

विज्ञापन