डुमरी उपचुनाव
- एनडीए प्रत्याशी यशोदा देवी और इंडिया की प्रत्याशी बेबी देवी ने दाखिल किया नामांकन पत्र
टीम एबीएन, गिरिडीह/ रांची। सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की बेबी देवी ने इंडिया गठबंधन और आल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी की यशोदा देवी ने राजद उम्मीदवार के तौर पर डुमरी विधानसभा उपचुनाव के लिए अपने-अपने नामांकन दाखिल किए। इस सीट पर 5 सितंबर को उपचुनाव होना है।
बता दें कि बेबी देवी पूर्व शिक्षा मंत्री दिवंगत जगरनाथ महतो की पत्नी हैं। उन्होंने डुमरी उपमंडल कार्यालय में अपना नामांकन दायर किया। महतो के निधन की वजह से इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है।
झामुमो के विधायक सुदिव्या कुमार सोनू, मथुरा महतो और सरफराज अहमद, भाकपा (माले) लिबरेशन के विनोद कुमार सिंह और कांग्रेस के विधायक कुमार जयमंगल सिंह समेत इंडिया गठबंधन के नेता नामांकन केंद्र पर मौजूद थे। दूसरी तरफ, यशोदा देवी ने आजसू के प्रमुख सुदेश महतो और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं पूर्व सांसद रविंद्र राय की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
इस दौरान आजसू के गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, गोमिया के विधायक लंबोदर महतो, भाजपा विधायक नारायण दास और रंधीर सिंह समेत राजग के अन्य नेता मौजूद रहे। दोनों ही गठबंधनों ने दावा किया है कि उनके उम्मीदवारों की जीत होगी।
बेबी देवी ने कहा, मेरे पति ने डुमरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत कुछ किया है। वे उनसे बहुत प्यार करते थे। मुझे पूरा विश्वास है कि उपचुनाव में वे मुझे अपना स्नेह देंगे। मैं अपने पति के अधूरे सपनों को पूरा करूंगी।
बता दें कि सोरेन सरकार पहले ही देवी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दे चुकी है। उन्होंने इसी साल 3 जुलाई को मंत्री पद की शपथ ली थी। डुमरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव पांच सितंबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती आठ सितंबर को होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 17 अगस्त है।
आजसू के लंबोदर महतो ने दावा किया है कि यशोदा देवी उपचुनाव जीतेंगी। हेमंत सोरेन सरकार की विफलता उनकी जीत सुनिश्चित करेगी। इस सरकार ने 1932 की खतियान-आधारित अधिवास नीति और ओबीसी आरक्षण सहित अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है।