गुमला। शुक्रवार को आक्सफैम इंडिया संस्था के बैनर तले स्थानीय कार्तिक उरांव महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक जागरूकता अभियान सह सेमिनार का आयोजन किया गया। मौके पर संस्था के जिला संयोजक राजश्री दास के नेतृत्व में कॉलेज के पॉलिटिकल साइंस के छात्राओं के बीच महिला सशक्तिकरण तथा उनके अधिकार और हितों की जानकारी को लेकर जागरूकता अभियान चलाते हुए उन्हें इस बात की जानकारी दी गई कि आज के दौर में हमारे देश की महिलाएं भी किसी क्षेत्र में कम नहीं है। किंतु इसके बावजूद देश की महिलाएं और लड़कियों के बीच विभिन्न प्रकार की योजनाएं और अन्य जानकारियों का अभाव होता है, जिसकी वजह से वह स्वयं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने से वंचित रह जाते हैं। मौके पर कॉलेज के छात्र छात्राओं को यह बताया गया कि वर्तमान में भारत सरकार के द्वारा एक बिल प्रस्तुत किया गया है, जिसके तहत देश में लड़कियों की विवाह हेतु न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष निर्धारित करने की बात कही गई है। हमें निश्चित रूप से ऐसे ही योजनाओं का जो सरकार महिला स्वाबलंबी और सशक्तिकरण को लेकर लाती है, उसका स्वागत करना चाहिए। निश्चित रूप से लड़कियां जब 18 वर्ष की होती है, वह शारीरिक और मानसिक रूप से विवाह के योग्य नहीं ठहराई जा सकती। क्योंकि उनका यह समय उनके जीवन को संवारने का और अच्छी शिक्षा ग्रहण करने का साथ ही साथ स्वयं को रोजगार से जोड़ने का एक समय होता है। अत: हमारी संस्था 21 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा का निर्धारण करने को लेकर इस योजना स्वागत करता है। उपस्थित छात्र छात्राओं ने सभी वक्ताओं के द्वारा कही गई बातों को ध्यान पूर्वक सुनने के पश्चात यह संकल्प लिया कि वह आने वाले दिनों में स्वयं को स्वावलंबी और सशक्त बनाकर हमारे देश के वैभव को बढ़ाने का कार्य नित्य नए दिन करते रहेंगे। मौके पर उपस्थित छात्र छात्राओं ने श्वेत पट्टिका पर हस्ताक्षर करते हुए अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। इस तरह के कार्यक्रम गुमला और सिसई प्रखंड में भी की जा रही है। ये तीन दिवसीय कार्यक्रम है जिसमे कॉलेज के छात्र, तेजस्विनी ग्रुप, समुदाय के लोगो के साथ किया जायेगा। मौके पर कॉलेज के लगभग 250 छात्र और छात्राएं, संस्था के रोहित कुमार साह,ू खुशमंती देवी, हीरामणि देवी, असिस्टेंट प्रोफेसर अजित कुमार हंसदा और प्रोफेसर डॉ संजय इत्यादि उपस्थित थे।