जंगली हाथियों के आतंक ने मचा रखा है कोहराम
टीम एबीएन, गढ़वा। जिले में हाथियों का आतंक एक बार फिर शुरू हो गया है। कई इलाकों में जंगली हाथियों के झुंड ने घरों को, फसलों को और मानव जीवन को नुकसान पहुंचना शुरू कर दिया है। इसे लेकर वन विभाग ने एक विशेष रणनीति बनायी है, जिससे की हाथियों की गतिविधि पर नजर रखी जा सके और समय से पहले ग्रामीणों को सूचित किया जा सके। आपको बता दें कि झारखंड का गढ़वा जिला क्षेत्रफल के हिसाब से बड़ा जिला है। यहां के लोग जंगलों में भी वास करते हैं।
फसलों को तबाह कर रहे हाथी
गढ़वा में कभी तेंदुवा, तो कभी लकड़बग्घा तो कभी हाथियों के आतंक से ग्रामीण परेशान रहते हैं। पिछले एक सप्ताह से जंगली क्षेत्र में वास करने वाले ग्रामीण भय के माहौल में जी रहे हैं। यहां के लोगों को डर सता रहा है कि उनके घरों पर कभी भी जंगली जानवरों का हमला हो सकता है। पिछले कुछ दिनों से जिले के रंका, रमकंडा, भंडरिया में हाथियों के आतंक देखने को मिल रहा है।
अब 21 हाथियों का एक बड़ा झुंड छत्तीसगढ़ के रास्ते कनहर नदी को पार कर धुरकी एरिया आ गया है। जंगली हाथियों के इस झुंड ने इंसानी बस्तियों पर हमला करना शुरू कर दिया है। हाथियों ने धुरकी के राज्यपाल नगर, परासपानी में किसानों की कई एकड़ में लगी फसलों को नुकसान पहुंचाया है।
जिसके बाद ग्रामीणों ने अब मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने कहना है कि इस इलाके में पहले कभी हाथियों का झुंड नहीं आया था। अब आया है तो उन्होंने फसल को बर्बाद कर दिया है। लोग अपने घरों में दुबक गये हैं। शाम के बाद झुंड बनाकर ही किसी जरूरी काम के लिए बाहर निकल रहे हैं।
येलो जोन और रेड जोन में बांटा इलाका
वहीं, हाथियों के इस झुंड पर वन विभाग की पैनी नजर है। प्रोवेजनर डीएफओ के नेतृत्व में एक व्हाट्सप्प ग्रुप बनाया गया है और इस इलाके को येलो जोन और रेड जोन में बांटा गया है। जिससे की हाथियों पर नजर रखी जा सके। डीएफओ शशि कुमार ने बताया कि हमारे इलाके में दो हाथियों का झुंड है जो परेशान कर रहा है, जिनका भी नुकसान हुआ है उन्हें मुआवजा दिया जायेगा।
वहीं, पलामू जोन के सीएफ ने बताया कि हाथियों के बारे में शिकायत मिली है। कुछ इलाके में हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। भंडरिया इलाके में जो हाथी सड़क पर घूम रहा है उसे जंगल की और भगाया जा रहा है। वहीं, धुरकी तरफ से जो हाथी आया था वह पुन: छत्तीसगढ़ की और चला गया है। साथ ही हमारी टीम नुकसान का आंकलन कर रही है।