हजारीबाग। प्रकृति की मनोरम वादियों से आच्छादित हजारीबाग के मुफस्सिल थाना अतंर्गत बहोरनपूर क्षेत्र में पर्यटन के विकास की असीम संभावनाएं हैं। जल, जंगल एवं पहाड़ से आच्छादित यहां की वादियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यहां मौजूद कई पुरातात्विक अवशेष लोगों के जानकारी और निरंतर खोज का विषय बन सकते हैं। इसे देखते हुए अगर इसे पर्यटक स्थल के रूप में घोषित कर दिया जाए तो यहां के विकास को पंख लग सकते हैं। पर्यटक स्थल घोषित करने से एक ओर जहां राज्य सरकार को राजस्व मिलेगा तो वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। जब से यहां के पहाड़ियों की शृंखला में भगवान बुद्ध की मूर्तियां व मठ मिले है लोगों की जिज्ञासा काफी बढ गयी है। दो मूर्तियों के चोरी होने और फिर 72 घंटे में रिकवरी की खबर अखबार और न्यूज चैनलों के हेडलाइन बने रहे। जिसके कारण इस क्षेत्र को लोग जानने लगे हैं। हजारीबाग सांसद सह अध्यक्ष वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति जयंत सिन्हा ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को मिले 1000 साल पुराने बौद्ध मठ से 2 मूर्तियों के चोरी हो जाने की घटना पर पुरातत्व विभाग की महानिदेशक वी. विद्यावती से बात की। वी. विद्यावती ने इस क्षेत्र की सुरक्षा व विकास के लिये हर सहायता उप्लब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे यहां सुरक्षा व अन्य आवश्यकताओं के प्रबंध समेत विशेषज्ञों की नियुक्ति करेंगी। साथ ही इसके संरक्षण हेतु यहां पर एक संग्रहालय की स्थापना पर भी विचार किया जाएगा। इधर, हजारीबाग की खोज को देश- विदेश के बुद्धिस्ट सर्किट तक पहुंचाने के आग्रह के साथ सदर विधायक बौद्ध भिक्षुओं से मिले। विधायक श्री जायसवाल ने बौद्ध भिक्षुओं से हजारीबाग की खोज का व्यापक स्तर पर बौद्ध सर्किट में देश-विदेश स्तर पर प्रचार प्रसार करने का आग्रह किया ताकि भविष्य में इस स्थल की महत्ता बढ़ सके और यह क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित हो। भिक्षुओं ने विधायक श्री जायसवाल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार कर कहा आप क्षेत्र के जिम्मेवार और सजग जनप्रतिनिधि हैं आपकी भावना का हम कद्र करते हैं और वचन देते हैं की जल्द ही यह बौद्ध बिहार के रूप में विकसित होगा और देश विदेश के बौद्ध भिक्षु यहां आएंगे। हम यहां दीपक लगाकर पूजन- वंदन शुरू करेंगे।