मोदी सरकार में संविधान और लोकतंत्र खतरे में है : संजय पासवान
टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। केंद्र सरकार की मजदूर किसान विरोधी, जनविरोधी व राष्ट्रविरोधी विनाशकारी नीतियों के खिलाफ तथा वैकल्पिक नीतियों के लिए कॉरपोरट लूटेरो भारत छोड़ो के नारों के साथ केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर बुधवार 9 अगस्त को रणधीर वर्मा चौक स्थित गांधी सेवा सदन मैदान धनबाद में मजदूर कर्मचारियों के क्षेत्रीय महापड़ाव में कोडरमा जिला से सीटू से संबद्ध झारखंड राज्य निर्माण कामगार यूनियन, माईका वर्कर्स यूनियन और आंगनबाड़ी यूनियन से सैकड़ों की संख्या में मजदूर कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
धनबाद रेलवे-स्टेशन से जुलूस निकाल कर कॉरपोरट लूटेरो भारत छोड़ो, निजीकरण पर रोक लगाओ, मजदूर विरोधी लेबर कोड वापस लो, महंगाई पर रोक लगाओ, मोदी सरकार मुदार्बाद आदि नारे लगाते हुए आंदोलन स्थल पर पहुँचे। जुलूस का नेतृत्व सीटू प्रदेश सचिव संजय पासवान, जिला संयोजक रमेश प्रजापति, आंगनबाड़ी यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी, निर्माण कामगार यूनियन के राज्य संयुक्त सचिव प्रेम प्रकाश, माईका वर्कर्स यूनियन के महेन्द्र तुरी ने किया।
मौके पर महापड़ाव को सम्बोधित करते हुए सीटू नेता संजय पासवान ने कहा कि देश की भाजपानीत मोदी की सरकार किसानों, मजदूरों, नौजवानों के साथ धोखा तो कर ही रही है। आज महंगाई की मार इस कदर देश के गरीबों पर पड़ रहा है कि लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। ऐसी स्थिति में मोदी सरकार समस्याओं के समाधान के बदले देश में नफरतों का बीज बोकर हिंदू और मुसलमान को लड़ाने का काम में लगी हुई है।
जिस तरीके से मणिपुर में सांप्रदायिक उन्माद किए गए, औरतों के साथ जिस दरिंदगी से दंगाई पेश आये, वह देश की जनता को झकझोर कर रख दिया है। अनेकता में एकता का नारा हमारे आजादी के संघर्षों के अनुभव का परिणाम है, मगर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार धर्मनिरपेक्ष और संघीय ढांचे के लिए ही खतरे पैदा कर रही है।
मणिपुर की अमानवीय और हृदयविदारक घटनाओं के बाद भी प्रधानमंत्री और संसद खमोश है। आज इस सरकार में संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। ऐसी स्थिति में देश के किसान मजदूरों, छात्र नौजवानों तथा महिलाएं सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। आज देश को बचाने के लिए 2024 के आम चुनाव में मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करना होगा। महापड़ाव को सीटू से मीरा देवी ने भी सम्बोधित किया।
महापड़ाव में शम्भु पासवान, नागेश्वर दास, अशोक रजक, राजें पासवान, बद्री तुरी, बालेश्वर राम, रवींद्र भारती, शिवनंदन भुइयां, सहदेव दास, नीलम पासवान, रेखा देवी, उषा देवी, मुनीया देवी, बारीक अंसारी, यशोदा देवी, गुड़िया देवी, गीता देवी, बिंदवा देवी, सुमा देवी, नरेंद्र दास, काली तुरी, गुड़िया देवी, फुलवा देवी, सुनीता देवी, गिरधारी दास, अनीता देवी, गायत्री देवी, गुंजा कुमारी सहित पांच सौ से ज्यादा महिला-पुरुष कोडरमा जिला से शामिल हुए।