बच्चों ने कैनवास पर उकेरी आदिवासी संस्कृति
टीम एबीएन, कोडरमा। आदिवासी दिवस के अवसर पर सेक्रेड हार्ट स्कूल में बुधवार को विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें झारखंड की संस्कृति पर आधारित पेंटिंग, मॉडल, पोस्टर मेकिंग और भाषण प्रतियोगिता शामिल है। प्रतियोगिता में सभी वर्गों से लगभग 100 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया था।
बच्चों ने झारखंड की कला संस्कृति को अपने कैनवास में उतारा जो काफी आकर्षक लग रहा था। यह कार्यक्रम एकेडमिक डायरेक्टर प्रमोद शर्मा के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में कुंतल जेठवा, अलका सिंह, प्रियंका सिंह और रजनी बाला का काफी सहयोग रहा। इस मौके पर प्राचार्य नवीन कुमार ने कहा कि झारखंड की अपनी अलग संस्कृति और प्रकृति है।
यहां का खानपान, भाषा, रंग-रूप, पहनावा देश भर में विख्यात है। उन्होंने कहा कि झारखंड का फूल पलाश और इसकी लकड़ियां हर धार्मिक अनुष्ठान में उपयोग में आता है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग बहुत सीधे-साधे, भोले- भाले और अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठावान होते हैं।
आजादी के आंदोलन में आदिवासियों के योगदान को बुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा झारखंडी समाज में भगवान के रूप में पूजे जाते हैं। वर्ग 6 के बच्चों में रिया यादव और और रोली यादव ने झारखंडी कल्चर पर मॉडल बनाया था, जिसे काफी सराहा गया। अंजुम आरा अंसारी ने झारखंडी कल्चर के बारे में बच्चों के सामने अपने विचार रखे।
वहीं आयुषी प्रगति, रूपा पांडेय, दिव्यानी कुमारी, राजनंदिनी, अनिंदिता कुमारी, इशिका सिंह, सादिया मसूद, जीतू कुमार, शौर्य कुमार, सौम्या कुमारी, प्रियांशी, आयुषी, उज्ज्वल, पायल, गौरी गुंजन, सुभिक्षा, स्वस्तिका, मोनिका, वंशम राज, प्रथम श्री, सौम्य प्रभात, सोमेश कुमार और श्वेता कुमारी के द्वारा बनाए गए पेंटिंग्स को काफी सराहा गया।