एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। मणिपुर में हो रहे अत्याचार के विरोध में रविवार को ऑल चर्चेस कमेटी के बैनर तले शहर के ईसाई और आदिवासी समुदायों ने संयुक्त रूप से मौन प्रदर्शन किया। स्थानीय कचहरी मैदान से हजारों की संख्या में लोग जुलूस में भाग लिया।
जुलूस बाजार टांड़, नेताजी चौक, डाक बंगला रोड, नेताजी चौक, भगत सिंह चौक होते हुए लोयोला हॉस्टल मैदान तक पहुंची। जुलूस में लोग हाथों में तख्ती और बैनर लेकर मणिपुर में शांति की अपील कर रहे थे।
जुलूस को संबोधित करते हुए जीईएल चर्च के बिशप जोसेफ संगा ने कहा कि मणिपुर में भी आदिवासी रहते हैं। वहां आदिवासियों के अधिकार को लेने को लेकर हिंसा हो रही है। मणिपुर में अशांति फैली हुई है। वहां के लोग असुरक्षित हैं। मणिपुर में हिंसा को रोका जाना चाहिए। हर हाल में वहां शांति बहाल होनी चाहिए।
वहीं, बिशप विनय कंडुलना ने कहा कि मणिपुर की घटना से हम सभी आहत हैं। कहा कि हिंसा और हत्या किसी भी समाज को स्वीकार नहीं है। मणिपुर में जहर कैसे फैल रहा है। इसे लेकर हम सभी चिंतित हैं। उन्होंने मणिपुर में शांति स्थापित होने की कामना किया।
फादर बिशु बेंजामिन ने कहा कि मणिपुर में मानवता नहीं बचा है। महिलाओं को नग्न किये जाने की घटना से पूरा देश शर्मसार है। इस मौके पर मुख्य रूप से सरना संगोम समिति की दुर्गावती ओड़ेया, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष कालीचरण मुंडा, दयामनी बारला, फादर ओबेद सोरेन, फादर आईजैक खलखो, अर्पणा हंस, विजय मिंज, बेनेदिक्त बारला, रोयन तोपनो, पतरस हुन्नी पुर्ति, जॉन हेरेंज, अमर पूर्ति, बिलासी पूर्ति सहित अन्य उपस्थित थे।