टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन गुरुवार को कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड प्रतियोगी परीक्षा विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह झारखंड के लिए दमदार विधेयक है और मुख्यमंत्री इसके लिए धन्यवाद के पात्र हैं।
भाजपा के विरोध पर उन्होंने कहा कि गुजरात और यूपी में भी ऐसा ही बिल पारित हुआ है। फिर किस मुंह से भाजपा इसका विरोध कर रही है, यह समझ से परे है। भाजपा नहीं चाहती कि यहां के बच्चे पढ़ें और सही तरीके से परीक्षा दें। ये चाहते हैं कि यहां पेपर लीक हो और परीक्षा रद्द हो।
फिलहाल इसमें संशोधन हुआ है और मुख्यमंत्री ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर आगे भी इसमें संशोधन की जरूरत पड़ी, तो उसके लिए रास्ते खुले हैं। शिल्पी ने कहा कि यह विधेयक झारखंड में बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था।
भाजपा विधायक अमित मंडल ने कहा कि भाजपा शुरू से ही इस बिल का विरोध कर रही है। इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रही थी। सत्तापक्ष के विधायक गुजरात का उदाहरण दे रहे हैं, तो उन्हें सोचना चाहिए कि यह गुजरात नहीं, झारखंड है और इसलिए यहां का बिल झारखंड के हिसाब से बनना चाहिए।