560 जलाशय पूरी तरह अतिक्रमित
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन गुरुवार को जल संसाधन विभाग ने बताया कि 1.07 लाख जल स्त्रोत में से मानव निर्मित 13 हजार जलाशय इस्तेमाल के लायक नहीं हैं जबकि 560 जलाशय पूरी तरह अतिक्रमित हो चुके हैं। विधानसभा में विधायक प्रदीप यादव के उठाये सवाल पर जल संसाधन विभाग ने यह बात स्वीकार की है।
विधायक ने पूछा कि इन जलाशयों के जीर्णोद्धार और अतिक्रमण मुक्त करे इसके लिए सरकार की क्या योजना है। इस पर विभाग की ओर से बताया गया कि जल संसाधन विभाग के वृहद और मध्यम सिंचाई योजना के तहत 56 जलाशय योजना चल रहे हैं, जो अतिक्रमण मुक्त और क्रियाशील हैं। लघु सिंचाई विभाग से संबंधित जल स्रोतों का जीर्णोद्धार चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है और आगे भी किया जायेगा।
राज्यभर के ब्लॉक आफिस, रजिस्ट्री आफिस समेत कई विभागों में कई कर्मचारी पांच-छह सालों से एक ही जगह पर पदस्थापित हैं। विधायक बिरंची नारायण के पूछे सवाल पर राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने यह स्वीकार किया है। विधायक ने पूछा था कि जिला स्तर पर कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग जिला स्थापना समिति की बैठक के निर्णय के आधार पर साल में दो बार करने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस पर विभाग ने बताया है कि जरूरत के मुताबिक कार्यहित में कर्मियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग जिला स्थापना स्थापना समिति की बैठक के निर्णय के मुताबिक होता है।