टीम एबीएन, रांची। संत इग्नासियुस लोयोला महोत्सव संत मरिया महागिरजाघर, रांची में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस समारोह में धार्मिक विधान के अनुष्ठान संपन्न कराये गये। यह त्योहार येसु समाज के संथापक संत इग्नासियुस लोयोला के आदर में प्रति वर्ष 31 जुलाई को मनाया जाता है।
समारोह के प्रथम सत्र में संत जोन्स स्कूल के छात्राओं के प्रवेश नृत्य व फादर अशोक सांडिल एस जे, के प्राम्भिक उद्बोधन से शुरू हुआ। मिस्सा के मुख्य अनुष्ठाता रांची महाधर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो थे, जिनका सहयोग सहायक धर्माध्यक्ष थियोडोर मस्करन्स, प्रोविंशियल फादर अजित खेस्स सहित अन्य पुरोहितों ने दिया। इस अवसर पर येसु संघ के पुरोहितगण, धर्मबन्धुगण, अन्य पुरोहितगण, धर्मबहनें, संस्था से जुड़े स्टाफ, कर्मचारी, विद्यार्थी तथा अतिथिगण शामिल हुए।
अपने प्रवचन संदेश में प्रोविंशियल फादर अजित खेस्स ने प्रभु की पुकार सुनकर प्रेरितिक कार्य के लिए विवेकपूर्ण निर्णय लेने का आह्वान विषय तथा संत इग्नासियुस लोयोला के जीवन, उनके द्वारा किये गये कार्य एवं आध्यात्मिकता पर प्रकाश डाला। संत इग्नासियुस के आह्वान, जाओ और संसार मे ज्योति जलाओ संदेश को बांटने अपने निकतम साथी संत फ्रांसिस जेवियर को भारत देश भेजा और उनके बहुत से अनुयायी अन्य देशों में इसे फैलाया।
इस ज्योति को आगे बढ़ाने के लिए प्रभु की पुकार सुनना, निर्णय लेना, निर्देशित कार्य के लिए आगे बढ़ना जरूरी है। आज येसु संघ के सदस्य शिक्षा और विश्वास की ज्योति फैलाने में अहम योगदान दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा जिस तरह संत इग्नासियुस लोयोला ने सब कुछ में ईश्वर की उपस्थिति देखी, हमें भी देखने की जरुरत है।
अपने हित नहीं बल्कि औरों का हित सोचना है। हमारा जीवन का केंद्रबिंदु नाम, शोहरत, दुनियाई चीज नहीं बल्कि येसु ख्रीस्त में केंद्रित होना चाहिए। आंतरिक परिवर्तन करें व समर्पित भाव से सेवा दें। हमें ईश्वर के समान सुदर और अच्छा बनना है। ईश्वर की बातों को सुनना, समझना तथा उसे आत्मसात करने की आवश्यकता है।
ईश्वरीय प्रेम शांति, खुशी को औरों के साथ बांटना है। बाईबल से पाठ काथलिक सभा एवं महिलासंघ प्रितिनिधिओं ने पढ़ा तथा निवेदन प्रार्थना युवा संघ ने किया। धार्मिक गीतों का गायन फादर जस्टिन तिर्की की अगवाई में संस्था के गायक मंडली ने किया। समारोह के अंत में फादर अशोक सांडिल एस जे द्वारा लिखित सोल क्रेसेंडो नामक किताब तथा रांची जेसुइट ईयर बुक 2023 पत्रिका का विमोचन अतिथियों ने किया।
मिस्सा के अंत में फादर रेमंड केरकेट्टा एस जे ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर संत अन्ना की पुत्री के धर्मसंघ की जेनेरल सिस्टर लिली ग्रेस टोपनो, मनरेसा के रेक्टर फादर अमृत लकड़ा, संत जेवियर कॉलेज के रेक्टर फादर अलेक्स एक्का, पल्ली पुरोहित फादर आनंद डेविड खलखो, संत अलबर्टस कॉलेज के रेक्टर फादर अजय कुमार खलखो भी उपस्थित हुए।
येसु संघ का संक्षिप्त इतिहास
फादर अजित खेस्स एस जे संस्था का इतिहास प्रस्तुत करते हुए कहा कि येसु संघ की स्थापना सन 1540 ई. में रोम देश में संत इग्नासियुस लोयोला द्वारा स्थापित किया गया। इनका मुख्यालय रोम में है। वर्तमान में यह संस्था सौ से अधिक देशों में कार्यरत है। इनकी सदस्य संख्या पंद्रह हजार से भी अधिक है। एशिया में 20 प्रोविंश और 2 रीजन है।
सन 1956 ई. में रांची एक अलग प्रोविंश बना। वर्तमान में इस प्रोविंश मे 390 सदस्य हैं जो झारखण्ड के अलावा देश के अन्य इलाके सहित अफ्रीका, कंबोडिया, रोम, स्पेन, गयाना, जापान आदि देशों में अपनी सेवा दे रहे हैं। रांची के डॉ कामिल बुल्के पथ में सदभावना, मनरेसा, एक्स ई एस एस, सेंट जेवियर कॉलेज, सेंट जोनस स्कूल तथा डोरंडा में सेंट जेवियर स्कूल, कांके क्षेत्र में पल्ली एवं तरणोदय, सपारोम में प्रभात तारा धुर्वा, किशोरनगर- नामकुम तथा बगाइचा में कार्यरत है।